The Old Rule Changes of UPI Payment को मैं अपने व्यूअर्स के सामने एक बार फिर The Old Rule Changes of UPI Payment को रखना चाहूंगा।
The Old Rule Changes of UPI Payment के बारे में
The Old Rule Changes of UPI Payment में उसके बाद हमारे और एक्सपर्ट्स भी हैं। उनसे भी इसी मुद्दे पर उनके इनसाइट्स जानेंगे। लेकिन नया डिजिटल सुरक्षा नियम है आरबीआई का। 1 अप्रैल से हर पेमेंट पर डबल ऑथेंटिकेशन जरूरी हो जाएगा। और अब हर ट्रांजैक्शन में दो स्तर की जांच लागू की जाएगी।
The Old Rule Changes of UPI Payment में यानी कि सेफ्टी नेट और ज्यादा बढ़ती दिखेगी। आरबीआई ने कंज्यूमर सुरक्षा के लिए नियम और कड़े कानून तैयार किए हैं और डिजिटल पेमेंट सिस्टम में बड़े बदलाव लागू किए जाएंगे। हर ट्रांजैक्शन में डबल सिक्योरिटी यानी कि अब हर ऑनलाइन पेमेंट पर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन जो है वह जरूरी हो जाएगा। अनिवार्य हो जाएगा।
बिना टू स्टेप वेरिफिकेशन के ट्रांजैक्शन पॉसिबल नहीं हो पाएगा। और सभी बैंक्स और एप्स को यह नियम जो है वो मानना होगा। कंपल्शन है। अनिवार्य है। सिक्योरिटी लेयर बढ़ाकर फ्रॉड को रोकने की लगातार कोशिश की जा रही है। और इसी कवायद में यह स्टेप लिया गया है। शेखर पवार जी भी हमारे साथ।
The Old Rule Changes of UPI Payment के जाने बेसिक अपडेट के नियम
The Old Rule Changes of UPI Payment में शेखर जी शुक्रिया। स्वागत है आपका। techlabnol.com में क्या फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और अकाउंट टेकओवर जैसे साइबर फ्रॉड्स पर लगाम लग सकती है? आप कैसे देख रहे हैं इस पूरी की पूरी सिचुएशन को? देखिए यह जो कदम आरबीआई का है बहुत ही अच्छा कदम है।
The Old Rule Changes of UPI Payment के अन्य बेसिक जानकारियाँ
इसमें मल्टीफक्टर ऑथेंटिकेशन में क्या होता है कि तीन चीजें बहुत इंपॉर्टेंट रहती है। जैसे समथिंग यू नो कुछ जो आप जानते हैं जैसे पिन हो गया, पासवर्ड हो गया, पास प्राइस हो गया जो आपको पता है। समथिंग यू हैव कुछ जो आपके पास है। जैसे आपका मोबाइल डिवाइस हो गया, आपका कार्ड हो गया बैंक का या आपके पास सॉफ्टवेयर टोकन हो सकता है।
तो ये हो गया समथिंग यू हैव जो आपके पास है और कुछ जो आप खुद हो समथिंग यू आर जैसे आपका फेशियल ठीक है। आई थिंक तकनीकी दिक्कत है। फिर से एक बार हम जोड़ने की कोशिश करते हैं शेखर जी को और उसके बाद उनसे उनकी राय उनकी टेक समझते हैं।
मिस्टर मंजनाथ एस एस मूर्ति भी हमारे साथ मंजनाथ जी शुक्रिया अपना समय हमें देने के लिए स्वागत है आपका एटी नाउ स्वदेश पर। मेरा सबसे पहला सवाल finटेक कंपनियों के लिए आरबीआई का यह नया नियम टेक्नोलॉजी और यूजर एक्सपीरियंस के लिहाज से कितना बड़ा बदलाव आपके हिसाब से साबित हो सकता है
हर एंगल से इसे समझने की हम कोशिश कर रहे हैं और फिनटेक के एंगल से आपसे ज्यादा बेहतर इसे कोई नहीं समझा पाएगा बताएं। एक्चुअली अभी ऐसा होता है कि व्हनेवर वी गो टू एनी प्लेटफार्म एक्सपी रियंस एक ही तरह होता है कि हर टाइम एसएमएस ओटीपी आता है।
तो सभी लोग को पता है कि ओटीपी आएगा मैं ओटीपी मेरा फोन पे आएगा और मैं उसको एंटर करना पड़ेगा। पर अभी जो नया रूल्स है वहां पर वो चेंज हो सकता है। कभी ओटीपी पूछेगा कभी फेशियल रिकग्निशन पूछेगा किसी और बैंक फिंगरप्रिंट पूछेगा। तो फान्ट के लिए और यूजर एक्सपीरियंस के लिए यह बदलाव होने के लिए लाइक अदर पीपल है
The Old Rule Changes of UPI Payment के बदलते नियम
The Old Rule Changes of UPI Payment व सेड थोड़ी यूज थोड़ा टाइम लगेगा ट्रांजक्शन होने के लिए थोड़ा टाइम लगेगा लोगों के लिए टू गेट कंफर्टेबल विथ इट क्योंकि जब भी ओटीपी आता है तो सभी को पता था कि मैं ओटीपी डालना है। सो और इफ इट आस्क फॉर समथिंग एल्स देन यूजर को पता नहीं कि यह फिशिंग है
कि यह सही डालना है कि नहीं तो यह ट्रांजैक्शन वो छोड़ देंगे नहीं तो उनको पता नहीं कैसा करना है तो कुछ एजुकेशन की जरूरत पड़ेगी और हर एक बैंक अलग-अलग कर सकते हैं तो जो बैंक एक है वो एक तरफ पूछेगा दो दूसरा बैंक है दूसरी पूछेगा तो यूजर को कंफ्यूज होगा कि मुझे एक एक यहां पे फिंगरप्रिंट डालना था और यहां पे वो फिंगरप्रिंट नहीं पूछ रहा है
तो वो कंफ्यूजन होगा तो दैट इज अ प्रॉब्लम बट जो वैल्यू है यूजर एक्सपीरियंस के लिए अभी एक साइज एक साइज फिट ऑल था कि हर एक के लिए सिर्फ ओटीपी पूछता था आपको स्मार्टफोन हो या डम फोन हो आप एजुकेटेड हो आप अर्बन में हो या गांव में हो सभी के लिए एक ही था। अभी ऐसा हो सकता है कि बैंक डिपेंडिंग अपॉन वो जो यूजर है
उनका डिवाइस है वो फिंगरप्रिंट है उसका डिवाइस में तो फिंगरप्रिंट पूछेंगे। वो डिवाइस में सिर्फ एसएमएस आता है तो सिर्फ एसएमएस पूछेंगे। तो यूजर एक्सपीरियंस के लिए बेहतर रहेगा। बिकॉज़ इट विल बी टेलर टू द रिक्वायरमेंट्स ऑफ दैट पर्टिकुलर यूजर एंड ऑफ दैट पर्टिकुलर ट्रांजैक्शन।
अब्सोलुटली आई सेकंड द थॉट व्हाट यू आर सेइंग और मिस्टर श्रीनिवास राव अगला सवाल मैं आपसे पूछना चाहूंगी बैंक्स के लिए ये नई सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह लागू करना तकनीकी और ऑपरेशनल तौर पर क्या चैलेंजिंग होगा और अगर हां होगा तो कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है
The Old Rule Changes of UPI Payment में देखें RBI नियम
The Old Rule Changes of UPI Payment में इस टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म के दृष्टिकोण से चैलेंज चेंजिंग तो होता ही है। लेकिन जो आरबीआई जो ट्रांजिशन टाइम देती है उस ट्रांजक्शन टाइम के अंदर मोस्ट ऑफ द बक्स उसको वो अपग्रेड करके उसको उसके साथ एलाइन कर सकते हैं। और इसमें एक चीज और भी आरबीआई ने किया है कि यदि ऐसा ना करने पर यदि कोई फ्रॉड होता है
तो उसकी भरपाई जो है वो ऑर्गेनाइजेशन करेगी। मतलब जो बैंक है वो खुद उसको बियर करना पड़ेगा। मतलब एक चीज जो उसमें आरबीआई ने डाला है वो एक एक प्र्प करेगा बैंकों को अपने आप को अपग्रेड करके उसको क्योंकि कहीं भी सुरक्षा में लैप्स होती है टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन कॉम्प्रोमाइज होती है तो उसका भरपाई जो है वो ऑर्गेनाइजेशन को करना पड़ सकता है
दोस्तों The Old Rule Changes of UPI Payment वाली मेरी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।






