100% Tax on cash transactions में 1 अप्रैल 2026 से कौन-कौन सी वो कैश ट्रांजैक्शंस हैं जो कि आपको अवॉइड करनी चाहिए और उनमें 100% Tax on cash transactions से बचने की लिमिट क्या है
100% Tax on cash transactions के बारे में
100% Tax on cash transactions में इनकम टैक्स पर नए रूल्स के अंदर वो आज के सेशन में हम डिस्कस करने जा रहे हैं। कैश की नई लिमिट को समझने से पहले 86% व्यूअर्स ने हमारे लेख को अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया ऐसी फाइनेंस और टैक्सेशन की इनफेटिव लेख के लिए सब्सक्राइब जरूर कर लें हमारे चैनल techlabnol.com को।
100% Tax on cash transactions से बचना कैसे है
100% Tax on cash transactions में गाइस आगे बढ़ने से पहले अगर आप एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, टैक्स प्रोफेशनल हैं, अकाउंटेंट हैं और आप बल्क इनवॉइस को टैली में एंटर करते हैं, तो वह बहुत ही ज्यादा टाइम कंज्यूमिंग टास्क हो जाता है। इसको इजी बनाने के लिए व्यापार टैक्स वन का यूज़ मैं करता हूं जिससे मिनटों में आप बल्क इनवॉइसेस को टैली के अंदर एंटर कर सकते हैं एंड मिनटों में अपने अकाउंट को फाइनलाइज कर सकते हैं।
तो अगर आप भी एक अकाउंट एंड टैक्स प्रोफेशनल है डिस्क्रिप्शन में मैंने लिंक दिया हुआ है व्यापार टैक्स वन का जरूर चेक कीजिएगा। चलिए सबसे पहले डिस्कस करते हैं बैंक के अंदर आप एक फाइनेंसियल ईयर में कितना कैश डिपॉजिट करवा सकते हैं? कैश डिपॉजिट की लिमिट क्या होती है? देखिए अगर आपका पैन नंबर अवेलेबल है
आपके पास सेविंग बैंक अकाउंट में आपकी लिमिट रहने वाली है ₹1 लाख एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर और करंट अकाउंट में लिमिट रहने वाली है ₹50 लाख एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर। अगर आपके पास पैन नंबर अवेलेबल नहीं है। ये नई अमेंडमेंट जो है न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 में डाली गई है जो कि 1 अप्रैल 2026 से अप्लाई होने जा रही है।
एंड यहां पे जो लिमिट है उसको भी कम कर दिया गया है। ₹5 लाख एक फाइनेंसियल ईयर में अगर आप इसको क्रॉस कर देते हैं और आपका पैन नंबर अवेलेबल नहीं है बैंक के पास तो बैंक आपके आधार नंबर के बेसिस पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट करेगा और आपके आधार नंबर के बेसिस पर भी आपको नोटिस आ सकता है आपके एड्रेस पर मोबाइल पर और ईमेल आईडी पर तो ये नई चीज है
100% Tax on cash transactions में कैश डिपोजिट लिमिट क्या है
100% Tax on cash transactions में यहां पर लिमिट भी कम कर दी गई और आधार के बेसिस पर बैंक अब आपकी रिपोर्टिंग भी करेगा यहां पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ये नई चीज है जो न्यू इनकम टैक्स एक्ट के अंदर ऐड की गई है नाउ रिपोर्टिंग के बाद क्या होता है? एसएफटी रिपोर्टिंग आपकी की जाती है इनकम टैक्स एक्ट के अंदर जो कि रूल 237 के अंदर की जाती है।
जिसमें बैंक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को बताता है कि इस पर्सन ने इतना अमाउंट जो है वो कैश में डिपॉजिट किया है हमारे बैंक के अंदर। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपसे पूछता है कि इसका सोर्स क्या है? जस्टिफिकेशन आपसे मांगता है। एक्सप्लेनेशन मांगी जाती है। अगर आप उसका एक्सप्लेनेशन दे देते हैं तो तो वेल एंड गुड है। कोई भी दिक्कत वाली बात नहीं है।
लेकिन अगर आप उसको एक्सप्लेन नहीं कर पाते तो उसको अनएक्सप्लेंड कैश बोला जाता है। और उस केस में 84% तक का टैक्स और पेनल्टी मिलाकर के आपके ऊपर लेवी किया जा सकता है। सो जब भी आप बैंक में कैश डिपॉजिट करवा रहे हैं इन लिमिट का जरूर ध्यान रखिए और इसके अंदर ही डिपॉजिट कीजिए जिससे ना ही तो आपको कोई अननेसेसरी नोटिस आए और ना ही कोई पेनल्टी और टैक्स का सामना आपको करना पड़े।
100% Tax on cash transactions में कैश विड्राल
100% Tax on cash transactions में चलिए कैश डिपॉजिट के बाद अब चर्चा करते हैं कैश विड्रॉल की। कैश विड्रॉल को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट किस तरीके से ट्रैक करता है यहां पर थोड़ा सा अलग मैकेनिज्म काम करता है। यहां टीडीएस का मैकेनिज्म काम करता है। अगर आप अपने बैंक अकाउंट से पैसा विथड्रॉ कर रहे हैं तो आपका टीडीएस काटा जाता है।
अगर आप आईटीआर फाइल नहीं करते तो उस केस में आपकी ₹ लाख की लिमिट होती है। 20 लाख से ज्यादा जैसे ही आप विथड्रॉ करोगे आपका 2% टीडीएस काटा जाएगा। और 1 करोड़ से ज्यादा विथड्रॉ कर लोगे तो 5% टीडीएस काटा जाएगा। दूसरी तरफ अगर आप रिटर्न फाइल करते हो रेगुलरली आपने अपनी रिटर्न फाइल की हुई है
100% Tax on cash transactions इनकम टैक्स रिटर्न फाइल लिमिट
100% Tax on cash transactions में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की है तो ये लिमिट 1 करोड़ की हो जाती है एंड 1 करोड़ से ऊपर जैसे ही आप कैश विड्रॉ करोगे आपका 2% टीडीएस काटा जाएगा। अब यहां पर टीडीएस आपका काटा जाएगा। वो तो आप अपनी आईटीआर फाइल करते टाइम उसको क्लेम बैक कर लोगे। लेकिन सबसे इंपॉर्टेंट चीज टीडीएस के साथ-साथ आपकी रिपोर्टिंग भी यहां पर की जाती है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को।
तो दोनों ही केसेस में रिपोर्टिंग बैंक के थ्रू आप कोई भी कैश का काम करोगे। अगर एक लिमिट से ज्यादा करोगे चाहे वो कैश डिपॉजिट हो और चाहे कैश विड्रॉल हो तो आपकी रिपोर्टिंग इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जरूर की जाएगी। इसीलिए बैंक में कैश ट्रांजैक्शन करते टाइम इन लिमिट्स का ध्यान जरूर रखिए। इसके अंडर अगर आप काम करोगे तो कभी भी आपको कोई परेशानी नहीं आएगी।
आपकी इस पर क्या राय है? क्या यहां पर थोड़ी सी रिलैक्सेशन गवर्नमेंट को देनी चाहिए या नहीं देनी चाहिए? अपनी राय आप कमेंट सेक्शन में मुझको जरूर बताइएगा और वीडियो लास्ट तक देखना। मैं आपको इन सभी का एक समरी चार्ट भी दूंगा जिसका स्क्रीनशॉट लेकर के आप अपने पास सेव करके रख सकते हैं फ्यूचर रेफरेंस के लिए।
चलिए अब चलते हैं अगली कैश ट्रांजैक्शन पर जो बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट है। अगर आप कैश में रिसीव कर लेते हैं। आपका कोई बिजनेस है आपने कैश में सेल कर दी ₹ लाख से ज्यादा की किसी एक पर्सन को एक पर्सन को 2 लाख से ज्यादा कैश में अगर सेल कर देते हो तो 100% की पेनल्टी आपके ऊपर यहां पर लगाई जाएगी। बहुत ही इंपॉर्टेंट प्रोविजन है।
100% Tax on cash transactions में सेल की लिमिट
100% Tax on cash transactions में सभी बिजनेस पर्सन को ये ध्यान रखना चाहिए। किसी एक पर्सन को एक दिन में आप 2 लाख से ज्यादा की सेल नहीं कर सकते हैं। उसके बाद नेक्स्ट पॉइंट है प्रॉपर्टी के अंदर कैश बहुत ही ज्यादा रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है। अगर आप कैश एक्सेप्ट कर रहे हो प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ चाहे वो टोकन मनी हो, बयाना हो या आपका सेल कंसीडरेशन हो।
अगर 20,000 से ज्यादा का कैश आप रिसीव कर लेते हो तो नए प्रावधानों के अकॉर्डिंग सेक्शन 185 के अकॉर्डिंग 100% पेनल्टी लगाई जाएगी। 50 लाख का कैश रिसीव किया। 50 लाख की पेनल्टी सीधी-सीधी आपके ऊपर लगा दी जाएगी और इसके साथ-साथ प्रॉपर्टी के केस में अगर रीपेमेंट कर रहे हो कई बार क्या होता है
प्रॉपर्टी की डील कैंसिल हो जाती है तो बयाना वापस करना होता है तो बयाना या टोकन मनी आप वापस कर रहे हो और आप कैश में कर देते हो 20000 से ज्यादा का सेक्शन 188 के अकॉर्डिंग यहां पर 100% पेनल्टी के प्रावधान है। नेक्स्ट बात करें आप कैश में लोन ले लेते हो।
कोई भी लोन आप फैमिली फ्रेंड से लेते हो और वह कैश में है आपका 20,000 से ज्यादा का तो वहां पर भी आपके ऊपर 100% की पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके साथ-साथ अगर आप रीपेमेंट कर रहे हो किसी लोन की और कैश में रीपेमेंट कर देते हो 20,000 से ज्यादा की तो सेक्शन 188 के अकॉर्डिंग वहां पर भी 100% पेनल्टी आपको देनी होगी।
100% Tax on cash transactions में सिक्योरिटी डिपॉजिट
100% Tax on cash transactions में नेक्स्ट बात करते हैं सिक्योरिटी डिपॉजिट आप एक्सेप्ट करते हो। आपने अपना ऑफिस घर जो है किराए पर दिया और वहां पे आपने सिक्योरिटी डिपॉजिट आप लेते हो वो अगर आपने कैश में ले लिया 20,000 से ज्यादा का डिपॉजिट कैश में आपने अगर एक्सेप्ट कर लिया तो 185 सेक्शन के अकॉर्डिंग 100% की पेनल्टी यहां पर भी आपके ऊपर लगाई जाएगी। नेक्स्ट बात करते हैं
जब सिक्योरिटी डिपॉजिट आपको रिफंड करनी है। जब किराएदार खाली करके जाता है आपको रिफंड करना होता है वो। अगर 20,000 से ज्यादा का आपने उस सिक्योरिटी डिपॉजिट का रिफंड कैश में कर दिया तो सेक्शन 188 के अकॉर्डिंग वहां पर भी आपकी 100% पेनल्टी लगाई जाएगी। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता वो पैसा वाइट का है या ब्लैक का है।
100% Tax on cash transactions अन्य जानकारियाँ
100% Tax on cash transactions में अगर यह वाली ट्रांजैक्शन जो मैंने आपको बताया लोन की ट्रांजैक्शन, सिक्योरिटी डिपॉजिट की ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी की ट्रांजैक्शन या सेल आपने 2 लाख से ज्यादा की इन लिमिट से ज्यादा अगर आपने ये ट्रांजैक्शन कर दी है तो 100% पेनल्टी के प्रावधान है इनकम टैक्स एक्ट के अंदर। नेक्स्ट बात करते हैं आपका कोई बिजनेस है।
बिजनेस में आप खर्चा कर देते हैं। कैश में खर्चा कर देते हैं। 10,000 से ज्यादा का एक दिन में एक पर्सन को आप अगर करते हैं सेक्शन 36 के के अकॉर्डिंग वो खर्चा पूरा का पूरा आपको डिसअ कर दिया जाएगा। डिसअलाव का मतलब यह होता है आपके प्रॉफिट इनक्रीस हो जाएंगे और आपको टैक्स ज्यादा देना होगा।
देखिए अब वाइट के पैसे को भी आप अगर कैश में यूज करेंगे तो आपके ऊपर 100% पेनल्टी लगाई जाएगी इनकम टैक्स प्रावधानों के अकॉर्डिंग। एंड लास्टली यह मैंने पूरा एक समरी चार्ट आपको दिया हुआ है।
इस चार्ट का स्क्रीनशॉट लेकर के आप अपने पास रख सकते हो और इन सभी लिमिट के अंदर आप अपनी सारी ट्रांजैक्शन करें। आशा करता हूं यह पूरी लेख आपको पसंद आई होगी। ऐसी इनफेटिव लेख के लिए सब्सक्राइब जरूर करें।
दोस्तों 100% Tax on cash transactions वाली मेरी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।






