TAX ON CASH TRANSACTION में जी हां फ्रेंड्स इनकम टैक्स रूल्स 2026 जो है। वो अब TAX ON CASH TRANSACTION से बचने के लिए ऐसे अवेलेबल करवा दिया गया है।
TAX ON CASH TRANSACTION के बारे में
TAX ON CASH TRANSACTION और इस इनकम टैक्स रूल 2026 के अंदर इनकम टैक्स के जो ट्रांजैक्शंस हैं उसके लिए नए लिमिट्स प्रिस्राइब किए गए हैं। जो लिमिट्स एकिस्टिंग थे उसके अंदर चेंजेस के साथ यहां पर अब जो न्यू इनकम टैक्स लिमिट्स दी गई है
वह आप लोगों के लिए हम लोगों के लिए समझना बेहद जरूरी है क्योंकि 1 अप्रैल 2026 से ये एक मेजर कंप्लायंस शिफ्ट जो है वो होने जा रहा है। क्या-क्या चीजों के अंदर यह जो लिमिट्स चेंज करी गई है जहां पर अब आपको पैन नंबर देना मैंडेटरी हो जाएगा ताकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके ट्रांजैक्शंस को वेरीफाई कर पाए स्क्रूटिनाइज कर पाए उसके लिए जो रूल आया है
TAX ON CASH TRANSACTION में इनकम टैक्स का नियम
TAX ON CASH TRANSACTION में उस रूल के अंदर 16 ऐसे ट्रांजैक्शंस नोटिफाई किए गए हैं। सबसे पहले स्टार्ट करते हैं जो आप सेल या परचेस करते हैं किसी भी तरीके के गुड्स या सर्विसेज का जो अभी ऊपर 15 आइटम्स दिए गए हैं उन 15 आइटम्स के अलावे आप कोई भी नॉर्मल गुड्स या सर्विसेज सेल या परचेस कर रहे हैं जिसकी वैल्यू ₹ लाख पर ट्रांजैक्शन से ऊपर है।
₹2 लाख पर ट्रांजैक्शन के ऊपर का अगर आप ट्रांजैक्शन करते हैं इन एनी केस ऑफ गुड्स और सर्विसेस अदर देन दोज़ जो ऊपर 15 दिए गए उसकी बात हम लोग अलग से करेंगे तो यहां पर आपको पैन नंबर जो है देना मैंडेटरी है। आपके पास पैन नंबर होना अब कंपलसरी है इनकम टैक्स रिपोर्टिंग के हिसाब से।
TAX ON CASH TRANSACTION में लिमिट क्या है
TAX ON CASH TRANSACTION में दूसरा जो यहां पर होटल्स और रेस्टोरेंट्स के लिए बताया गया है। होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स की पेमेंट अगर आप कर रहे हैं और वह जो आप पेमेंट कर रहे हैं वो कर रहे हैं इन कैश। पहले जो यह लिमिट थी ₹50,000 की। अब इस ₹50,000 की लिमिट को एक्सीड किया गया है, बढ़ाया गया है
और ₹1 लाख तक की कैश पेमेंट जो है वो आप होटलों के अंदर रेस्टोरेंट के अंदर जो है वह कर सकते हैं और अपना पैन नंबर जो है वो डिस्क्लोज कर सकते हैं। अगर 1 लाख से कम है तो पैन नंबर की रिक्वायरमेंट नहीं है। पहले यह लिमिट 500 हुआ करती थी।
तीसरी अगर ट्रांजैक्शंस की बात करें तो वह हमारे पास है कमेंसमेंट ऑफ अकाउंट बेस्ड रिलेशनशिप विद एन इंश्योर। इंश्योरेंस कंपनी के साथ अगर आप कोई ट्रांजैक्शन कर रहे हैं किसी भी लिमिट का कोई लिमिट नहीं है। इसके लिए आपके पास फैन नंबर होना मैंडेटरी है।
नेक्स्ट जो यहां पर ऑप्शन दिया गया है जो लिमिट दी गई है जो ट्रांजैक्शन दिया गया है वो टाइम डिपॉजिट का दिया गया है। यानी कि फिक्स्ड डिपॉजिट अगर आप कर रहे हैं तो अमाउंट एक्सीडिंग 50000 और एग्रीगेटिंग टू मोर देन 5 लै ड्यूरिंग अ फाइनेंसियल ईयर ₹00 या फिर एग्रीगेट करके आप ₹5 लाख से ऊपर का फिक्स्ड डिपॉजिट टाइम डिपॉजिट करेंगे
तो आपके पास पैन नंबर होना जो है वो मैंडेटरी किया गया है। तो यह सारी चीजें जो है नए लिमिट्स के साथ 2026 में अब लागू कर दी जाएंगी। अगर आप बैंक अकाउंट ओपन कर रहे हैं अदर दन अ टाइम डिपॉजिट यानी कि सेविंग्स अकाउंट करंट अकाउंट। आप अगर अपना बेसिक सेविंग डिपॉजिट अकाउंट कर रहे हैं किसी भी बैंकिंग कंपनी के साथ तो आपके पास पैन होना कंपलसरी है।
पैन नंबर इज मैंडेटरी। इसके बाद जो अगली ट्रांजैक्शन है वो है परचेस और सेल और गिफ्ट और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट बाय एनी पर्सन ऑफ एनी इमूवेबल प्रॉपर्टी। आप लैंड खरीद रहे हैं, बेच रहे हैं, आप फ्लैट खरीद रहे हैं, बेच रहे हैं। तो अगर आप वह ₹ लाख से ऊपर की ट्रांजैक्शन में इनवॉल्व हो रहे हैं, तो आपके पास अब पैन नंबर होना मैंडेटरी है।
TAX ON CASH TRANSACTION में अधिकतम बदलाव
TAX ON CASH TRANSACTION में यहां पर भी बहुत मेजर चेंज किया गया है। पहले यह लिमिट हुआ करती थी ₹1 लाख की। अब इस ₹1 लाख की लिमिट को इनक्रीज करके ₹20 लाख किया गया है। नेक्स्ट जो ट्रांजैक्शन है पेमेंट टू अ कंपनी और इंस्टट्यूशन फॉर एक्वायरिंग डिबेंचर्स और बोंड्स। आप डिबेंचर्स या बंड्स अगर खरीद रहे हैं तो आपके लिए 50,000 की लिमिट है।
जिसके बाद आपके पास पैन नंबर होना मैंडेटरी है। मतलब इनकम टैक्स का स्कैनर आपके ऊपर चलेगा। सेल और परचेस बाय एनी पर्सन ऑफ शेयर्स। अगर आप शेयर्स के अंदर डील कर रहे हैं और ₹1 लाख से ऊपर का ट्रांजैक्शन कर ले रहे हैं तो आपके पास पैन नंबर होना कंपलसरी कर दिया गया है। आप अगर गाड़ी खरीद रहे हैं
TAX ON CASH TRANSACTION में सेल और परचेस ऑफ मोटर व्हीकल और वह गाड़ी जो है ₹5 लाख से ऊपर की है जो पहले ₹ लाख के ऊपर के ट्रांजैक्शन के ऊपर ऑन मोटर व्हीकल्स आपको अपनी रिपोर्टिंग करनी है। पैन नंबर होना कंपलसरी है। उस लिमिट को अब यहां बढ़ा करके ₹5 लाख जो है कर दिया गया है एस पर न्यू इनकम टैक्स रूल 2026 नेक्स्ट जो आपके पास एंट्री है वो है
विथड्रॉल फ्रॉम योर बैंक अकाउंट्स अगर आप कैश विथड्रॉ करते हैं ₹1 लाख या उससे ज्यादा की तो आपके पास पैन नंबर होना चाहिए। आपको यह पैन नंबर जो है बैंक अकाउंट के अंदर जमा करना होगा ताकि वहां पर रिपोर्टिंग जो है वह प्रॉपर्ली कर दी जाए। अगर आप बैंक में डिपॉजिट कर रहे हैं कैश ₹1 लाख से ऊपर का तो भी आपको अपना पेन जो है
TAX ON CASH TRANSACTION में जरुरी कैश
TAX ON CASH TRANSACTION में वहां पर देना अब कंपलसरी है। यानी कि कैश निकालेंगे, कैश जमा करेंगे ₹1 लाख से ऊपर। यह सारे ट्रांजैक्शंस इनकम टैक्स के नजर में आएंगे। अ कॉन्ट्रैक्ट फॉर सेल और परचेस ऑफ़ सिक्योरिटीज़ अदर देन शेयर्स। शेयर्स के अलावा कोई और सिक्योरिटीज आप सेल परचेस कर रहे हैं।
₹1 लाख से ऊपर की ट्रांजैक्शंस में इनवॉल्व हो रहे हैं तो आपके पास पैन नंबर का होना कंपलसरी है। म्यूच्यूल फंड्स परचेस करते हैं ₹50,000 से ऊपर का पैन नंबर इज कंपलसरी। तो यहां पर यह नई लिमिट्स जो है वह प्रिस्राइब कर दी गई है। तो आपको अकॉर्डिंगली अपने क्लाइंट अपने कंप्लायंसेस, अपने टैक्स पेयर्स क्लाइंट्स को जो है वो सारी चीजें समझा देनी है
ताकि किसी तरीके की कोई मिस्टेक जो है वो आने वाले दिन में ना हो जाए क्योंकि इनकम टैक्स एक्ट 2025 जिसके लिए यह रूल इनकम टैक्स रूल 2026 लाया गया है 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहा है। चलिए इस वीडियो को यहीं एंड करते हैं। आशा करते हैं आपको ये सारी बातें जो है वो अच्छी तरीके से समझ में आ गई होंगी।
TAX ON CASH TRANSACTION में GST
जीएसटी के महारथी बैच का बेनिफिट अभी तक नहीं ले पाए हैं। इमीडिएट डिस्काउंटेड ऑफर का बेनिफिट लेकर के आप इस लाइव प्लस रिकॉर्डेड सेशन का बेनिफिट जो है ले सकते हैं। जिसके अंदर 200 घंटे की क्लासेस विद डिटेल्ड एनालिसिस आपको प्रोवाइड की जा रही है।
इसके लिए आप हमारा मोबाइल एप्लीकेशन जीएसटी प्लेटफार्म डाउनलोड कर सकते हैं। लिंक आपको वीडियो के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिया गया है। पहली बार आए हैं हमारे techlabnol.com चैनल पर तो आप हमारे चैनल को फॉलो कर लीजिए। प्लीज सब्सक्राइब कर लीजिए
दोस्तों TAX ON CASH TRANSACTION वाली मेरी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।






