Aadhar Setting From Save Account में आज हम बात करने वाले हैं आधार बायोमेट्रिक लॉक में Aadhar Setting From Save Account के बारे में जो ऐसे सुरक्षित रख सकतें हैं।
Aadhar Setting From Save Account के बारे में
Aadhar Setting From Save Account में और भी जानेंगे कि आप अपने बैंक अकाउंट को किसी भी धोखाधड़ी से कैसे बचा सकते हैं। देखिए यह एक छोटी सी जानकारी है लेकिन आपकी मेहनत की कमाई के लिए एक बहुत बड़ा सुरक्षा कवच बन सकती है। तो हमारे साथ अंत तक जरूर बने रहिएगा।
सोचकर भी थोड़ा डर लगता है। है ना? पर क्या यह सच में हो सकता है? क्या कोई सिर्फ आपके फिंगरप्रिंट की एक नकल से आपका पूरा का पूरा बैंक अकाउंट खाली कर सकता है? आज हम इसी बड़े सवाल का जवाब ढूंढेंगे। चलिए इस खतरे की जड़ तक चलते हैं। सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि आधार से जुड़ी धोखाधड़ी कोई सुनी-सुनाई बात नहीं है।
Aadhar Setting From Save Account को अन्य खतरों से बचाना
यह एक असली खतरा है। देखते हैं कि धोखेबाज इसे अंजाम कैसे देते हैं। जरा सोचिए कि किसी ने आपके नाम पर एक सिम कार्ड निकलवा लिया। फिर उसी सिम का इस्तेमाल करके किसी सरकारी स्कीम में रजिस्ट्रेशन करवाया और पैसा भी निकाल लिया और आपको इस पूरे फर्जीवाड़े की कोई खबर ही नहीं।
जब तक पता चलता तब तक तो खेल हो चुका होता है। तो सबसे बड़ा सवाल धोखेबाज ये करते कैसे हैं? वेल, वो आपके फिंगरप्रिंट्स की सिलिकॉन कॉपी बना सकते हैं या फिर किसी तरह आपके रेटिना स्कैन का जुगाड़ कर लेते हैं। फिर इसी नकली
बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल करके फर्जी केवाईसी यानी नो योर कस्टमर वेरिफिकेशन पूरा करते हैं। और बस आपके नाम पर सिम से लेकर बैंक अकाउंट तक कुछ भी खुलवा सकते हैं। लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इस खेल को रोकने के लिए यूआईडीएआई यानी यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक बहुत ही कमाल का तरीका दिया है और यही है हमारा आज का हीरो आधार बायोमेट्रिक लॉक।
तो यह बायोमेट्रिक लॉक आखिर है क्या चीज? इसे आप एक डिजिटल ताले की तरह समझिए। जब आप इसे लगा देते हैं तो कोई भी आपके फिंगरप्रिंट या आपकी आंखों की पुतली यानी आयरिस स्कैन का इस्तेमाल आपकी इजाजत के बिना नहीं कर सकता। सिंपल। मतलब सबसे जरूरी बात यह है कि यह फीचर आपको अपनी पहचान पर पूरा कंट्रोल देता है।
Aadhar Setting From Save Account में बायोमेट्रिक्स का प्रयोग
Aadhar Setting From Save Account में आप ही तय करते हैं कि आपके बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल कब और कहां होगा। यह आपकी डिजिटल पहचान की वह चाबी है जो सिर्फ और सिर्फ आपके हाथ में होती है। और इसके फायदे एकदम साफ हैं। एक बार आपने लॉक लगा दिया तो कोई आपके नाम पर फर्जी सिम नहीं निकलवा सकता। कोई भी फर्जी केवाईसी नहीं कर पाएगा।
सीधे शब्दों में कहें तो आपके आधार के बायोमेट्रिक डाटा का कोई भी गलत इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। अब सवाल उठता है कि इसे एक्टिवेट कैसे करें? अच्छी बात यह है कि इसके लिए कहीं लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। यह प्रोसेस बहुत ही आसान है और सिर्फ 2 मिनट में हो जाता है। चलिए देखते हैं कैसे। आपके पास दो आसान रास्ते हैं।
Aadhar Setting From Save Account में UPID की ऑफिशियल वेबसाइट
Aadhar Setting From Save Account में पहला यूआईडीएआई की ऑफिशियल वेबसाइट जिसे आप किसी भी ब्राउज़र से खोल सकते हैं और दूसरा है एम आधार मोबाइल ऐप जो हमेशा आपके फोन में मौजूद रहता है। दोनों का काम एक ही है बस तरीका थोड़ा अलग है। अगर आप वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो बस यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाइए। अपना आधार नंबर डालिए। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा।
उसे डालकर लॉगिन कीजिए। वहां आपको बायोमेट्रिक लॉक अनलॉक का ऑप्शन दिखेगा। बस लॉक पर क्लिक कीजिए और आपका ताला लग गया। और अगर आप ऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं तो एम आधार ऐप डाउनलोड करें। ओटीपी से लॉगिन करके मेन्यू में जाएं। वहां बायोमेट्रिक लॉक पर क्लिक करें।
बस एक क्लिक और कुछ ही सेकंड में आपकी स्क्रीन पर मैसेज आ जाएगा कि आपका बायोमेट्रिक डाटा अब पूरी तरह सुरक्षित है। अब मान लीजिए आपको बैंक में केवाईसी करवानी है या किसी सरकारी काम के लिए बायोमेट्रिक देना है तो आप इसे अनलॉक भी कर सकते हैं। तरीका बिल्कुल वही है।
बस लॉक की जगह अनलॉक पर क्लिक करना होगा। लेकिन हां, यहां एक बहुत जरूरी बात याद रखनी है। जैसे ही आपका काम पूरा हो, इसे तुरंत वापस लॉक करना मत भूलिएगा। अपनी सुरक्षा को खुला नहीं छोड़ना है। चलिए अब कुछ बहुत जरूरी बातों और सावधानियों पर नजर डालते हैं। जिन्हें इस फीचर का इस्तेमाल करने से पहले जानना बेहद जरूरी है।
Aadhar Setting From Save Account बायोमेट्रिक लॉक के बारे में
Aadhar Setting From Save Account में कई लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि अगर बायोमेट्रिक लॉक कर दिया तो क्या आधार से जुड़े सारे काम रुक जाएंगे? क्या ओटीपी वेरिफिकेशन भी बंद हो जाएगा? इसका जवाब है बिल्कुल नहीं। ओटीपी से होने वाला वेरिफिकेशन पहले की तरह ही चलता रहेगा। यह लॉक सिर्फ आपके फिंगरप्रिंट और आरिस स्कैन को रोकता है।
किसी भी सर्विस में अगर ओटीपी से लॉग इन या वेरिफिकेशन हो रहा है तो वह आराम से होता रहेगा। तो यह सुविधा किसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है? वेल उन सभी के लिए जिनका आधार, बैंक, सिम और सब्सिडी जैसी हर जरूरी जगह पर लिंक है। जो लोग ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां फर्जी केवाईसी और सिम के मामले ज्यादा आते हैं।
और सच कहूं तो हर उस व्यक्ति के लिए जिसे अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा की थोड़ी भी चिंता है। अब हम आते हैं उस एक चीज पर, जिसके बिना यह पूरा सुरक्षा कवच अधूरा है। इस पूरे प्रोसेस की नींव एक ही शर्त पर टिकी है और यह शर्त पूरी होनी ही चाहिए। और वह शर्त यह है कि आपका मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से जुड़ा हुआ होना चाहिए।






