IDFC Scam

IDFC Scam ने सरकार को भी नहीं छोड़ा देखकर बचें ऐसे

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IDFC Scam के अन्तर्गत दोस्तों अगर आप जब कभी बैंक जाते हैं, और अपना खाता बंद करने के लिए कहतें हैं और अचानक आपको पता चले कि आपके करोड़ों रुपए IDFC Scam के कारण वहां है ही नहीं।

IDFC Scam के बारे में

IDFC Scam से प्रभावित एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे शेयर बाजार को हिला कर रख दिया है। एक ही दिन में बैंक के 14,000 करोड़ डूब गए। शेयर 20% तक गिर गया और बैंक के अंदर से ₹590 करोड़ का एक ऐसा गड़बड़ झाला सामने आया है जिसने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तक को अलर्ट कर दिया है।IDFC Scam

यह कोई आम चोरी नहीं है बल्कि एक ऐसा जाल है जिसे बैंक के ही कुछ लोगों ने बुना था। नमस्कार, मैं हूं सिद्धार्थ प्रकाश। आज मैं आपको बताऊंगा IDFC फर्स्ट बैंक के उस 590 करोड़ के फ्रॉड की पूरी इनसाइड स्टोरी। आखिर कैसे एक सरकारी खाते को बंद करने की एक आम सी रिक्वेस्ट ने इतने बड़े बैंकिंग फ्रॉड का पर्दाफाश कर दिया।

IDFC Scam में विभिन्न बैंकें

IDFC Scam में बैंक के अंदर ऐसा क्या खेल चल रहा था जिसकी भनक किसी को नहीं लगी? और सबसे बड़ा सवाल क्या इस बैंक में आम आदमी का पैसा सुरक्षित है? आइए इस पूरे मामले को बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं। इस पूरे विवाद की शुरुआत कोई बहुत बड़ी इन्वेस्टिगेशन से नहीं हुई बल्कि एक बहुत ही सामान्य सी प्रक्रिया से हुई।

18 फरवरी को हरियाणा सरकार के वित्त विभाग ने एक सर्कुलर जारी किया। इस सर्कुलर में एक बहुत कड़ा आदेश दिया गया था। आदेश यह था कि IDFC फर्स्ट बैंक और एयू SAL Finance बैंक को हरियाणा में सरकारी कामकाज के लिए डीएम पैनल किया जा रहा है।

डीएम पैनल करने का मतलब यह है कि अब से हरियाणा सरकार का कोई भी विभाग इन दोनों बैंकों के जरिए अपना पैसे का लेनदेन नहीं करेगा। सरकार ने अपने सभी विभागों को यह निर्देश दिया कि वह इन बैंकों में मौजूद अपने सारे फंड्स किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर लें और यहां के खाते तुरंत प्रभाव से बंद कर दें।

IDFC Scam में सरकार को कुछ बातों पर बहुत गंभीर शक था। उन्हें लग रहा था कि बैंक में फंड को सही तरीके से मैनेज नहीं किया जा रहा है। और सबसे बड़ी गड़बड़ी यह पकड़ी गई कि जो पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी में जाना चाहिए था ताकि सरकार को ज्यादा ब्याज मिल सके वो पैसा कम ब्याज वाले सेविंग अकाउंट में ही पड़ा हुआ था।

IDFC Scam में IDFC फर्स्ट बैंक

IDFC Scam  में इसके अलावा हिसाब किताब के मिलान यानी रिकॉन्सिलिएशन में भी काफी कमियां पाई गई। इसके बाद जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना पैसा दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने के लिए IDFC फर्स्ट बैंक से संपर्क किया तो उनके होश उड़ गए। विभाग के अपने रिकॉर्ड में जो बैलेंस लिखा था और बैंक के सिस्टम में जो बैलेंस दिख रहा था उन दोनों में बहुत बड़ा अंतर था।

जब एक विभाग को यह गड़बड़ी मिली तो हरियाणा सरकार के बाकी विभागों ने भी अपने खातों की जांच शुरू कर दी और हैरानी की बात यह रही कि कई और खातों में भी इसी तरह का मिसमैच पाया गया। मामला बढ़ता देख बैंक प्रशासन में हड़कंप मच गया। 22 फरवरी को IDFC फर्स्ट बैंक ने शेयर बाजार को दी गई है

IDFC Scam में अपनी एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह माना कि चंडीगढ़ की एक विशेष ब्रांच में कुछ कर्मचारियों ने अनधिकृत और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों को अंजाम दिया है। यह फ्रॉड मुख्य रूप से हरियाणा राज्य सरकार के कुछ खास खातों में किया गया है। बैंक ने बताया कि इस पूरे खेल में कुछ बाहरी लोगों और थर्ड पार्टी संस्थाओं के भी शामिल होने का शक है।

IDFC Scam में बैंकों में रकम/धनराशी

IDFC Scam में अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह रकम कितनी है? बैंक के अपने शुरुआती अनुमान के मुताबिक लगभग ₹590 करोड़ का हिसाब किताब गड़बड़ है। हालांकि बैंक का कहना है कि यह अभी अंतिम आंकड़ा नहीं है। असली नुकसान कितना हुआ है, यह तो पूरी जांच के बाद ही पता चलेगा। राहत की बात सिर्फ इतनी है

कि रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी इस पर नजर बनाए रखने की बात कही है और कहा है कि यह कोई पूरे सिस्टम की खराबी नहीं है बल्कि एक ब्रांच का मामला है। जैसे ही यह 590 करोड़ का बम फूटा, बैंक ने तुरंत डैमेज कंट्रोल करना शुरू कर दिया। सबसे पहले चंडीगढ़ ब्रांच के उन चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है जिन पर इस फ्रॉड में शामिल होने का शक है।

उनके खिलाफ अनुशासनात्मक, दीवानी और आपराधिक मामले शुरू कर दिए गए हैं। पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिट कमेटी की लगातार बैठकें हुई। सच का पता लगाने के लिए बैंक ने दुनिया की जानीमानी ऑडिट कंपनी केपीएमजी को एक इंडिपेंडेंट फॉरेंसिक ऑडिट करने का जिम्मा सौंपा है।

फॉरेंसिक ऑडिट का मतलब है कि अब एक-एक पैसे का हिसाब बहुत बारीकी से चेक किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि सिस्टम में कहां चूक हुई। किन लोगों ने पासवर्ड या सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया और इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन है? पैसे वापस लाने के लिए बैंक ने लियन मार्किंग का सहारा लिया है।

लियन मार्क करने का मतलब होता है कि जिन-जिन संदिग्ध खातों में यह पैसा ट्रांसफर किया गया है, बैंक ने उन खातों पर रोक लगाने की रिक्वेस्ट भेज दी है। इससे उन खातों से पैसा निकाला नहीं जा सकेगा और बैंक को अपने पैसे वापस पाने में मदद मिलेगी। इस खबर का सबसे बुरा असर शेयर बाजार पर पड़ा।

जैसे ही 590 करोड़ के फ्रॉड की खबर बाहर आई, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई। देखते ही देखते शेयर 20% तक नीचे गिर गया। इस एक गिरावट से बैंक की मार्केट वैल्यू यानी बाजार पूंजीकरण में लगभग 14,438 करोड़ स्वाहा हो गए। यह नुकसान कितना बड़ा है,

IDFC Scam में अन्य सावधानियां

IDFC Scam में इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि बैंक ने पिछले पूरे क्वार्टर में सिर्फ 503 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था। यानी फ्रॉड की रकम बैंक के एक तिमाही के मुनाफे से भी ज्यादा है। इस पूरे हंगामे के बीच IDFC फर्स्ट बैंक के एमडी और सीईओ वी वैद्यनाथन ने सामने आकर सफाई दी है। उन्होंने निवेशकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि यह एक अलग थलग घटना है।IDFC Scam

IDFC Scam में यह कोई सिस्टम का फेलियर नहीं है। उन्होंने समझाया कि बैंक के पास चेक क्लियर करने या पैसे डेबिट करने के लिए मेकर, चेकर और ऑथराइजर वाला एक बहुत मजबूत सिस्टम मौजूद है। बैंक पिछले 10 सालों से भी ज्यादा समय से काम कर रहा है। इसकी 1000 से ज्यादा ब्रांच हैं और आज तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया।

वैद्यनाथन ने यह भी साफ किया कि इस घटना से बैंक के मुनाफे या उसकी मजबूती पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि बैंक के पास पर्याप्त कैपिटल मौजूद है। तो कुल मिलाकर कहानी यह है कि लालच और सिस्टम की छोटी सी खामी ने एक इतने बड़े फ्रॉड को जन्म दे दिया।

फॉरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि आखिर यह ₹590 करोड़ का खेल कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल है। आपको क्या लगता है? क्या हमारे देश में बैंकिंग सिस्टम में और सख्ती की जरूरत है? अपनी राय कमेंट्स में हमें जरूर बताइएगा।

दोस्तों IDFC Scam वाली मेरी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।

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