Limit of Bank Transaction 2026 में सेविंग बैंक अकाउंट में कितना पैसा आप रख सकते हैं? मैक्सिमम विड्राल की लिमिट अर्थात Limit of Bank Transaction क्या है?
Limit of Bank Transaction के बारे में
Limit of Bank Transaction के अलावा कितना कैश डिपॉजिट आप कर सकते हो? सेविंग अकाउंट में कितना कैश विड्रॉल कर सकते हो? एक टाइम पे कितने बैंक अकाउंट आप ओपन करके रख रख सकते हो? इन सभी लिमिट को समझेंगे। समझेंगे कब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको परेशान कर सकता है।
इसके अलावा लेख के लास्ट में आपको बताऊंगा मैं कैश ट्रांजैक्शन की कुछ इंपॉर्टेंट लिमिट्स। लास्ट तक लेख को जरूर देखिएगा। चलिए स्टार्ट करते हैं आज के सेशन को। चलिए सबसे पहले समझते हैं आप अपने बैंक अकाउंट में कितना पैसा रख सकते हैं।
Limit of Bank Transaction में यहां पर आपको समझना होगा इनकम टैक्स एक्ट या फिर आरबीआई कोई भी ऐसी स्पेसिफिक लिमिट नहीं बताता कि आप कितना पैसा अपने बैंक अकाउंट में रख सकते हैं। लेकिन इनकम टैक्स के अंदर एक इंपॉर्टेंट प्रोविजन है जो यह बोलता है कि आपकी जो भी इनकम जो भी पैसा आपने अपने सेविंग अकाउंट में रखा वो एक्सप्लेनेबल होना चाहिए।
Limit of Bank Transaction में अब ये एक्सप्लेनेबल इनकम क्या होती है? आपको एक छोटे से एग्जांपल की हेल्प से समझाता हूं। तो मिस्टर राजू पिछले 5 साल से अपनी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं। ऑन एन एवरेज हर साल उनको ₹1 लाख की इनकम होती है। तो 5 साल में उनको ₹50 लाख की एप्रोक्समेट इनकम होती है।
अब अगर उनके सेविंग बैंक अकाउंट के अंदर 40 लाख से 50 लाख के आसपास के बैलेंस पड़ा हुआ है तो वो जस्टिफायबल है। एक्सप्लेनेबल है। लेकिन दूसरी तरफ अगर मिस्टर राजू जी के बैंक अकाउंट में ₹2 करोड़ पड़े हुए हैं। तो उस केस में जो एक्सेस अमाउंट है 1.5 करोड़ का उसको इनकम टैक्स के प्रोविजन जो है अनएक्सप्लेंड मनी बोलते हैं।
जिसको ब्लैक मनी की तरह ट्रीट किया जाता है और इनकम टैक्स के अंदर 84% तक की टैक्स और पेनल्टी वहां पर चार्ज की जा सकती है। चलिए अब चलते हैं अगली बैंक लिमिट की तरफ जो कि है बैंक में कितना पैसा आप डिपॉजिट करवा सकते हैं। एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर आप बैंक के अंदर ₹1 लाख तक डिपॉजिट करवा सकते हैं।
Limit of Bank Transaction में अगर उससे ज्यादा डिपॉजिट करवाते हैं तो यहां पर बैंक जो है वो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट करता है। एसएफटी के रूप में सिग्निफिकेंट फाइनेंसियल ट्रांजैक्शन या इसको हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन भी बोला जाताहै। तो यह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट किया जाता है जो कि आपके एआईएस में आता है और अभी रिसेंटली देखा गया है
Limit of Bank Transaction में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट
Limit of Bank Transaction में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बहुत सारे केसेस में टैक्स पेयर से पूछा है कि जो कैश आपने डिपॉजिट किया अपने बैंक के अंदर इसका सोर्स क्या है? कहां से आपके पास यह पैसा आया है?
तो यहां पर अगर आप उसको एक्सप्लेन नहीं कर पाते तो उसको अनएक्सप्लेंड इनकम मान करके वहां पर भी 84% तक का टैक्स ऑफ पेनल्टी नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के प्रावधानों के तहत लगाया जा सकता है। नाउ इसी तरीके से कैश विथड्रॉल की लिमिट की अगर बात करें तो कैश विड्रॉल की लिमिट भी एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर ₹1 लाख की होती है।
Limit of Bank Transaction में अगर आप उससे ज्यादा विथड्रॉल कर लेते हैं एक बैंक से तो बैंक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट कर देता है। अब यह कैश डिपॉजिट और विथड्रॉल की जो लिमिट है ₹1 लाख की यह बैंक वाइज़ अप्लाई होती है। एक एग्जांपल की हेल्प से आपको समझाता हूं। आपके दो बैंक अकाउंट हैं। एक HDFC में है, एक SBI के अंदर है।
अगर आप दोनों में ₹9 लाख और ₹9 लाख की ट्रांजैक्शन करते हैं कैश में, तो उस केस में कोई भी बैंक आपका इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट नहीं करेगा। बिकॉज़ दोनों ही केसेस में अलग-अलग बैंक हैं और दोनों की लिमिट ₹1 ₹1 लाख है और उसके अंडर ही आपने ट्रांजैक्शन की है।
Limit of Bank Transaction में ICICI व अन्य बैंक
Limit of Bank Transaction में वहीं दूसरी तरफ आपका एक ICICI बैंक है जिसके अंदर आप ₹12 लाख का कैश डिपॉजिट या कैश विथड्रॉ कर देते हैं। तो इस केस में आपने 10 लाख की लिमिट को क्रॉस कर दिया है। तो ICICI बैंक जो है वो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आपको रिपोर्ट करेगा।
तो स्ट्रेटेजिकली आप अपने कैश डिपॉजिट और विथड्रॉ को भी यहां पर जो है मैनेज कर सकते हैं। अगर आपके पास मल्टीपल बैंक अकाउंट है उस केस में। अब बात करते हैं करंट बैंक अकाउंट की लिमिट्स की। तो सेविंग अकाउंट की जो लिमिट है वो ₹1 लाख होती है। लेकिन करंट अकाउंट में ये लिमिट इनक्रीस कर दी जाती है।
₹50 लाख एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर कैश डिपॉजिट और कैश विथड्रॉ की लिमिट होती है एसएफटी रिपोर्टिंग के लिए। नाउ अब बात करते हैं आरबीआई के एक इंपॉर्टेंट ड्राफ्ट की बीएसबीडीए जीरो बैलेंस अकाउंट स्कीम की। अप्रैल 2026 से इफेक्ट में आने वाली है।
Limit of Bank Transaction इसके अंदर जो बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की जो झंझट थी वह आपकी खत्महो जाएगी। अब आप अपना एक ऐसा अकाउंट मेंटेन कर सकते हैं जहां पर आपको कोई भी मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है। बीएएसबीडीए अकाउंट इसको बोला जाएगा और जितनी भी फैसिलिटीज हैं
चाहे नेट बैंकिंग की हो, डेबिट कार्ड की हो, एसएमएस की हो, ट्रांजैक्शंस की हो, मेल की हो, कैश विथड्रॉल की हो, एटीएम विथड्रॉल की हो जो भी बेसिक बैंकिंग फैसिलिटीज हैं वो प्रोवाइड करनी होगी। यहां पर बैंक्स को, इवन प्राइवेट बैंक को भी इसको फॉलो करना होगा।
लेकिन यहां पर एक कंडीशन है कि एक पर्सन एक टाइम में एक ही बीएसबीडीए अकाउंट ओपन करवा सकता है। तो [संगीत] आप इस अकाउंट में जो है इसको ओपन भी करवा सकते हैं। प्लस अगर आपका कोई एकिस्टिंग अकाउंट है तो उसको भी आप इस न्यू स्कीम के अंदर जो है बीएसबीडीए अकाउंट के अंदर ट्रांसफर करवा सकते हैं।
जिससे मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने का जो झंझट है वो खत्म हो जाएगा और सभी बैंक के लिए ऊपर ही अप्लाई होगा। चाहे वो प्राइवेट बैंक हो चाहे सरकारी बैंक हो। प्राइवेट बैंक में मिनिमम बैलेंस की लिमिट काफी ज्यादा होती है। तो वहां पर आपको जो है यह राहत मिलेगी।
नेक्स्ट इंपॉर्टेंट अपडेट है पीपीएफ होल्डर्स के लिए। अगर आपका कोई प्रोविडेंट फंड अकाउंट है तो उसको अब आप अपने बैंक अकाउंट में डायरेक्टली यूपीआई की हेल्प से भी ट्रांसफर कर सकते हैं। मार्च अप्रैल के आसपास आपको यह फैसिलिटी भी जल्दी देखने के लिए मिल जाएगी।
Limit of Bank Transaction में चलिए अब समझते हैं ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस की लिमिट क्या होती है? यूपीआई के केस में जनरली आप ₹1 लाख 1 दिन के अंदर जो है वो ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि यह लिमिट इंक्रीस हो जाती है ₹5 लाख की। अगर आपको हॉस्पिटल, एजुकेशन, इंश्योरेंस या शेयर मार्केट के लिए पैसा देना है तो यह लिमिट ₹5 लाख की हो जाती है।
आईएमपीएस की अगर बात करें तो आईएमपीएस में आप ₹5 लाख तक का ट्रांसफर कर सकते हैं। इंस्टेंट ट्रांसफर होता है आईएमपीएस के अंदर भी। एनईएफटी की अगर हम बात करें एनईएफटी की कोई लिमिट नहीं होती। मिनिमम ₹1 से लेकर के कितना भी मैक्सिमम अमाउंट आप कर सकते हो।
लेकिन बैंक की लिमिट यहां पर अप्लाई होती है और आपकी पर्सनल नेट बैंकिंग की जो लिमिट होती है वो अप्लाई होती है। वो आपको जरूर चेक करनी होगी। उसके बाद आरटीजीएस की अगर बात करें तोआरटीजीएस ₹2 लाख से स्टार्ट होती है। मिनिमम 2 लाख की आरटीजीएस होती है।
Limit of Bank Transaction एंड मैक्सिमम आरटीजीएस की कोई लिमिट नहीं होती है और रियल टाइम में आरटीजीएस के थ्रू भी आप पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके बाद बात करते हैं कितने बैंक अकाउंट आप अपने पास रख सकते हैं। आरबीआई या इनकम टैक्स कोई भी लिमिट यहां पर डिफाइन नहीं करता। कितने भी बैंक अकाउंट आप मेंटेन करके रख सकते हैं।
लेकिन बस वह छोटी सी कंडीशन होती है। आपको मिनिमम बैलेंस हर अकाउंट में मेंटेन करना है और उसके साथ-साथ आपको वो बैंक अकाउंट आईटीआर में रिपोर्ट भी करने होते हैं। आपको अपने सभी बैंक अकाउंट इनकम टैक्स रिटर्न के अंदर रिपोर्ट करने होते हैं।
Limit of Bank Transaction में पेनाल्टी से बचें
Limit of Bank Transaction अदरवाइज इनकम टैक्स में ₹10,000 की पेनल्टी लगाई जाती है। अगर आप एक बिजनेसमैन हैं। आपके पास जीएसटी नंबर है तो आपको अपना बैंक अकाउंट जीएसटी नंबर पे अपडेट करना मैंडेटरी है। वरना आपका जीएसटी नंबर भी जो है सस्पेंड हो सकता है। नेक्स्ट बात करते हैं बैंक से कैश विथड्रॉ करने पर आपकी एसएफटी रिपोर्टिंग तो होती ही है अगर आप 10 लाख से ज़्यादा करोगे तो।
इसके अलावा आपका टीडीएस भी काटा जाता है। अगर आपने आईटीआर फाइल की हुई है तो एक फाइनेंसियल ईयर में 1 करोड़ से ज्यादा का विथड्रॉ अगर आप करते हो तो 2% टीडीएस काटा जाएगा। लेकिन अगर आपने अपने प्रीवियस थ्री असेसमेंट ईयर की आईटीआर फाइल नहीं की
तो 20 लाख से 1 करोड़ तक अगर आपने एक फाइनेंसियल ईयर में कैश विथड्रॉल किया तो 2% टीडीएस काटा जाएगा। और अगर 1 करोड़ से ज्यादा का विड्रॉ आपने कर लिया है तो उस केस में 5% तक का टीडीएस आपका यहां पर काटा जा सकता है। हालांकि इस टीडीएस को आप क्लेम कर सकते हो।
आईटीआर फाइलिंग के टाइम पे ये टीडीएस आप रिफंड क्लेम कर सकते हो। नाउ लास्टली जाते-जाते कुछ बोनस टिप्स आपको देता हुआ जाता हूं कैश ट्रांजैक्शन की। अगर आपका बिजनेस है तो कैश सेल आप एक दिन में एक पर्सन को 2 लाख से ज्यादा की कैश सेल नहीं कर सकते।
Limit of Bank Transaction अदरवाइज 100% की पेनल्टी आपके ऊपर लगाई जाएगी। दूसरा प्रॉपर्टी की ट्रांजैक्शन आप 20,000 से ज्यादा की कैश में नहीं कर सकते हो। वहां पर भी 100% पेनल्टी आपके ऊपर लगाई जाएगी। थर्ड है लोन लेना या लोन की रीपेमेंट करना। आप कैश में नहीं कर सकते 20,000 से ज्यादा का। वहां पर भी 100% की पेनल्टी है।
एंड लास्ट है कोई भी बिजनेसएक्सपेंडिचर आप 10,000 से ज्यादा एक पर्सन को एक दिन के अंदर नहीं कर सकते हो। अदरवाइज वो खर्चा आपका डिसअलाव कर दिया जाएगा आपके पीएनएल से। तो ये सारी इंपॉर्टेंट लिमिट्स हैं बैंकिंग की भी और लास्टली मैंने आपको कैश ट्रांजैक्शंस की भी कुछेंट लिमिट्स बता दी हैं। गाइस मी विवेक साइनिंग ऑफ फॉर नाउ।
भाईयों यदि ये Limit of Bank Transaction वाली मेरी जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।







