Saving A/C Cash limit In Tax 1 अप्रैल 2026 से कौन-कौन सी वो Saving A/C Cash limit In Tax में कैश ट्रांजैक्शंस हैं
Saving A/C Cash limit In Tax के बारे में
Saving A/C Cash limit In Tax में जो आपको अवॉइड करनी चाहिए और उनकी लिमिट क्या है इनकम टैक्स नए रूल्स के अंदर वो आज के सेशन में हम डिस्कस करने जा रहे हैं। कैश की नई लिमिट को समझने से पहले कुछ व्यूअर्स ने हमारे लेख को अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया ऐसी फाइनेंस और टैक्सेशन की इनफेटिव लेख के लिए सब्सक्राइब जरूर कर लें हमारे त्त्लेख को।
Saving A/C Cash limit In Tax में दोस्तों आगे बढ़ने से पहले अगर आप एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, टैक्स प्रोफेशनल हैं, अकाउंटेंट हैं और आप बल्क इनवॉइस को टैली में एंटर करते हैं, तो वह बहुत ही ज्यादा टाइम कंज्यूमिंग टास्क हो जाता है। इसको इजी बनाने के लिए व्यापार टैक्स वन का यूज़ मैं करता हूं जिससे मिनटों में आप बल्क इनवॉइसेस को टैली के अंदर एंटर कर सकते हैं एंड मिनटों में अपने अकाउंट को फाइनलाइज कर सकते हैं।
तो अगर आप भी एक अकाउंट एंड टैक्स प्रोफेशनल है डिस्क्रिप्शन में मैंने लिंक दिया हुआ है व्यापार टैक्स वन का जरूर चेक कीजिएगा। चलिए सबसे पहले डिस्कस करते हैं बैंक के अंदर आप एक फाइनेंसियल ईयर में कितना कैश डिपॉजिट करवा सकते हैं? कैश डिपॉजिट की लिमिट क्या होती है?
देखिए अगर आपका पैन नंबर अवेलेबल है आपके पास सेविंग बैंक अकाउंट में आपकी लिमिट रहने वाली है ₹1 लाख एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर और करंट अकाउंट में लिमिट रहने वाली है ₹50 लाख एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर। अगर आपके पास पैन नंबर अवेलेबल नहीं है।
Saving A/C Cash limit In Tax में लिमिट
Saving A/C Cash limit In Tax में ये नई अमेंडमेंट जो है न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 में डाली गई है जो कि 1 अप्रैल 2026 से अप्लाई होने जा रही है। एंड यहां पे जो लिमिट है उसको भी कम कर दिया गया है। ₹5 लाख एक फाइनेंसियल ईयर में अगर आप इसको क्रॉस कर देते हैं और आपका पैन नंबर अवेलेबल नहीं है बैंक के पास तो बैंक आपके आधार नंबर के बेसिस पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट करेगा और आपके आधार नंबर के बेसिस पर भी आपको नोटिस आ सकता है
आपके एड्रेस पर मोबाइल पर और ईमेल आईडी पर तो ये नई चीज है यहां पर लिमिट भी कम कर दी गई और आधार के बेसिस पर बैंक अब आपकी रिपोर्टिंग भी करेगा यहां पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ये नई चीज है जो न्यू इनकम टैक्स एक्ट के अंदर ऐड की गई है नाउ रिपोर्टिंग के बाद क्या होता है?
Saving A/C Cash limit In Tax में एसएफटी रिपोर्टिंग आपकी की जाती है इनकम टैक्स एक्ट के अंदर जो कि रूल 237 के अंदर की जाती है। जिसमें बैंक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को बताता है कि इस पर्सन ने इतना अमाउंट जो है वो कैश में डिपॉजिट किया है हमारे बैंक के अंदर। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपसे पूछता है कि इसका सोर्स क्या है? जस्टिफिकेशन आपसे मांगता है।
एक्सप्लेनेशन मांगी जाती है। अगर आप उसका एक्सप्लेनेशन दे देते हैं तो तो वेल एंड गुड है। कोई भी दिक्कत वाली बात नहीं है। लेकिन अगर आप उसको एक्सप्लेन नहीं कर पाते तो उसको अनएक्सप्लेंड कैश बोला जाता है। और उस केस में 84% तक का टैक्स और पेनल्टी मिलाकर के आपके ऊपर लेवी किया जा सकता है।
सो जब भी आप बैंक में कैश डिपॉजिट करवा रहे हैं इन लिमिट का जरूर ध्यान रखिए और इसके अंदर ही डिपॉजिट कीजिए जिससे ना ही तो आपको कोई अननेसेसरी नोटिस आए और ना ही कोई पेनल्टी और टैक्स का सामना आपको करना पड़े। चलिए कैश डिपॉजिट के बाद अब चर्चा करते हैं कैश विड्रॉल की। कैश विड्रॉल को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट किस तरीके से ट्रैक करता है यहां पर थोड़ा सा अलग मैकेनिज्म काम करता है।
Saving A/C Cash limit In Tax में टीडीएस व अन्य
Saving A/C Cash limit In Tax में यहां टीडीएस का मैकेनिज्म काम करता है। अगर आप अपने बैंक अकाउंट से पैसा विथड्रॉ कर रहे हैं तो आपका टीडीएस काटा जाता है। अगर आप आईटीआर फाइल नहीं करते तो उस केस में आपकी ₹ लाख की लिमिट होती है। 20 लाख से ज्यादा जैसे ही आप विथड्रॉ करोगे आपका 2% टीडीएस काटा जाएगा। और 1 करोड़ से ज्यादा विथड्रॉ कर लोगे तो 5% टीडीएस काटा जाएगा।
Saving A/C Cash limit In Tax में दूसरी तरफ अगर आप रिटर्न फाइल करते हो रेगुलरली आपने अपनी रिटर्न फाइल की हुई है इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की है तो ये लिमिट 1 करोड़ की हो जाती है एंड 1 करोड़ से ऊपर जैसे ही आप कैश विड्रॉ करोगे आपका 2% टीडीएस काटा जाएगा। अब यहां पर टीडीएस आपका काटा जाएगा। वो तो आप अपनी आईटीआर फाइल करते टाइम उसको क्लेम बैक कर लोगे।
लेकिन सबसे इंपॉर्टेंट चीज टीडीएस के साथ-साथ आपकी रिपोर्टिंग भी यहां पर की जाती है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को। तो दोनों ही केसेस में रिपोर्टिंग बैंक के थ्रू आप कोई भी कैश का काम करोगे। अगर एक लिमिट से ज्यादा करोगे चाहे वो कैश डिपॉजिट हो और चाहे कैश विड्रॉल हो तो आपकी रिपोर्टिंग इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जरूर की जाएगी।
Saving A/C Cash limit In Tax में रिलैक्सेशन गवर्नमेंट
Saving A/C Cash limit In Tax में इसीलिए बैंक में कैश ट्रांजैक्शन करते टाइम इन लिमिट्स का ध्यान जरूर रखिए। इसके अंडर अगर आप काम करोगे तो कभी भी आपको कोई परेशानी नहीं आएगी। आपकी इस पर क्या राय है? क्या यहां पर थोड़ी सी रिलैक्सेशन गवर्नमेंट को देनी चाहिए या नहीं देनी चाहिए? अपनी राय आप कमेंट सेक्शन में मुझको जरूर बताइएगा और वीडियो लास्ट तक देखना।
मैं आपको इन सभी का एक समरी चार्ट भी दूंगा जिसका स्क्रीनशॉट लेकर के आप अपने पास सेव करके रख सकते हैं फ्यूचर रेफरेंस के लिए। चलिए अब चलते हैं अगली कैश ट्रांजैक्शन पर जो बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट है। अगर आप कैश में रिसीव कर लेते हैं। आपका कोई बिजनेस है आपने कैश में सेल कर दी ₹ लाख से ज्यादा की किसी एक पर्सन को एक पर्सन को 2 लाख से ज्यादा कैश में अगर सेल कर देते हो तो 100% की पेनल्टी आपके ऊपर यहां पर लगाई जाएगी।
बहुत ही इंपॉर्टेंट प्रोविजन है। सभी बिजनेस पर्सन को ये ध्यान रखना चाहिए। किसी एक पर्सन को एक दिन में आप 2 लाख से ज्यादा की सेल नहीं कर सकते हैं। उसके बाद नेक्स्ट पॉइंट है प्रॉपर्टी के अंदर कैश बहुत ही ज्यादा रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है। अगर आप कैश एक्सेप्ट कर रहे हो प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ चाहे वो टोकन मनी हो, बयाना हो या आपका सेल कंसीडरेशन हो।
Saving A/C Cash limit In Tax में अधिकतम कैश
Saving A/C Cash limit In Tax में अगर 20,000 से ज्यादा का कैश आप रिसीव कर लेते हो तो नए प्रावधानों के अकॉर्डिंग सेक्शन 185 के अकॉर्डिंग 100% पेनल्टी लगाई जाएगी। 50 लाख का कैश रिसीव किया। 50 लाख की पेनल्टी सीधी-सीधी आपके ऊपर लगा दी जाएगी और इसके साथ-साथ प्रॉपर्टी के केस में अगर रीपेमेंट कर रहे हो कई बार क्या होता है प्रॉपर्टी की डील कैंसिल हो जाती है
तो बयाना वापस करना होता है तो बयाना या टोकन मनी आप वापस कर रहे हो और आप कैश में कर देते हो 20000 से ज्यादा का सेक्शन 188 के अकॉर्डिंग यहां पर 100% पेनल्टी के प्रावधान है। नेक्स्ट बात करें आप कैश में लोन ले लेते हो। कोई भी लोन आप फैमिली फ्रेंड से लेते हो और वह कैश में है
आपका 20,000 से ज्यादा का तो वहां पर भी आपके ऊपर 100% की पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके साथ-साथ अगर आप रीपेमेंट कर रहे हो किसी लोन की और कैश में रीपेमेंट कर देते हो 20,000 से ज्यादा की तो सेक्शन 188 के अकॉर्डिंग वहां पर भी 100% पेनल्टी आपको देनी होगी।
नेक्स्ट बात करते हैं सिक्योरिटी डिपॉजिट आप एक्सेप्ट करते हो। आपने अपना ऑफिस घर जो है किराए पर दिया और वहां पे आपने सिक्योरिटी डिपॉजिट आप लेते हो वो अगर आपने कैश में ले लिया 20,000 से ज्यादा का डिपॉजिट कैश में आपने अगर एक्सेप्ट कर लिया तो 185 सेक्शन के अकॉर्डिंग 100% की पेनल्टी यहां पर भी आपके ऊपर लगाई जाएगी। नेक्स्ट बात करते हैं जब सिक्योरिटी डिपॉजिट आपको रिफंड करनी है।
में Saving A/C Cash limit In Taxजब किराएदार खाली करके जाता है आपको रिफंड करना होता है वो। अगर 20,000 से ज्यादा का आपने उस सिक्योरिटी डिपॉजिट का रिफंड कैश में कर दिया तो सेक्शन 188 के अकॉर्डिंग वहां पर भी आपकी 100% पेनल्टी लगाई जाएगी। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता वो पैसा वाइट का है या ब्लैक का है।
Saving A/C Cash limit In Tax में ट्रांजैक्शन पेनल्टी
अगर यह वाली ट्रांजैक्शन जो मैंने आपको बताया लोन की ट्रांजैक्शन, सिक्योरिटी डिपॉजिट की ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी की ट्रांजैक्शन या सेल आपने 2 लाख से ज्यादा की इन लिमिट से ज्यादा अगर आपने ये ट्रांजैक्शन कर दी है तो 100% पेनल्टी के प्रावधान है इनकम टैक्स एक्ट के अंदर। नेक्स्ट बात करते हैं आपका कोई बिजनेस है।
बिजनेस में आप खर्चा कर देते हैं। कैश में खर्चा कर देते हैं। 10,000 से ज्यादा का एक दिन में एक पर्सन को आप अगर करते हैं सेक्शन 36 के के अकॉर्डिंग वो खर्चा पूरा का पूरा आपको डिसअ कर दिया जाएगा। डिसअलाव का मतलब यह होता है आपके प्रॉफिट इनक्रीस हो जाएंगे और आपको टैक्स ज्यादा देना होगा।
देखिए अब वाइट के पैसे को भी आप अगर कैश में यूज करेंगे तो आपके ऊपर 100% पेनल्टी लगाई जाएगी इनकम टैक्स प्रावधानों के अकॉर्डिंग। एंड लास्टली यह मैंने पूरा एक समरी चार्ट आपको दिया हुआ है। इस चार्ट का स्क्रीनशॉट लेकर के आप अपने पास रख सकते हो और इन सभी लिमिट के अंदर आप अपनी सारी ट्रांजैक्शन करें।
आशा करता हूं यह पूरी वीडियो आपको पसंद आई होगी। ऐसी इनफेटिव लेख के लिए सब्सक्राइब जरूर करें हमारे लेख को। मी विवेक साइनिंग ऑफ फॉर नाउ। मिलता हूं आपको अगले सेशन में। टिल देन हंसते रहिए, मुस्कुराते रहिए।
दोस्तों Saving A/C Cash limit In Tax वाली मेरी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।






