Tax On UPI Transaction में हम लोग डिस्कस करने वाले हैं यूपीआई लिमिट फॉर द इनकम टैक्स इन 2026 में Tax On UPI Transaction में न आये।
Tax On UPI Transaction के बारे में
Tax On UPI Transaction में भाई क्या लिमिट्स है ताकि आपको इनकम टैक्स का नोटिस ना आए। अभी रिसेंटली कई लोगों को भाई नोटिस मिल रहा है इस टाइप का तो यहां पे मैं बताने वाला हूं कि किन लोगों को इस टाइप के नोटिस वगैरह मिलते हैं। जीएसटी के क्या रूल्स हैं? इनकम टैक्स के क्या रूल्स हैं यूपीआई को लेकर।
चाहे आप एक बिजनेस चला रहे हैं या पर्सनंस टू पर्सन ट्रांसफर कर रहे हैं। तो क्या-क्या रूल्स और रेगुलेशन है और इस टाइप के अगर नोटिस मिलते हैं तो उनका क्या सॉल्यूशन है? तो ये सारी जानकारी देने वाला हूं इस वीडियो के अंदर। तो प्लीज पूरा वीडियो यहां पर जरूर देखिएगा।
Tax On UPI Transaction में यार स्टार्ट करने से पहले बताना चाहूंगा अगर आप प्रॉपर आईटीआर फाइलिंग के साथ में टैक्स प्लानिंग सीखना चाहते हो तो आप हमारी मास्टर क्लास को चेक आउट कर सकते हो। इस कोर्स को हमने इस तरह से बिल्ड किया है कि कोई भी कॉमन पीपल भी जो है इस कोर्स के थ्रू इनकम टैक्स का हर एक एक्सपेक्ट जो है यहां पे लर्न कर सकता है और खुद अपनी इनकम टैक्स रिटर्न यहां पे फाइल कर सकता है।
तो चलो सबसे पहले मैं यहां पे नोटिस की बात करता हूं। तो जैसे आप देख सकते हो यहां पे न्यूज़ ने भी इसको कवर किया था कि एक पानीपुरी वेंडर को जीएसटी का नोटिस मिला यूपीआई के रिगार्डिंग। जी हां। तो स्क्रीन के सामने आप देख सकते हो इस नोटिस के अंदर यहां पे यह लिखा हुआ था कि एक फाइनेंसियल ईयर के अंदर पानी पूरी वाले ने जो अपनी यूपीआई पेमेंट PhonePe के थ्रू जो पेमेंट यहां पे उसको रिसीव हुई थी
Tax On UPI Transaction में वो ₹40 लाख से ज्यादा थी। जिसके कारण यहां पे उसको नोटिस इशू हुआ है कि उसको यहां पे जीएसटी के अंदर भाई रजिस्टर होना पड़ेगा। जीएसटी चार्ज करना पड़ेगा और गवर्नमेंट को यहां पे पे करना पड़ेगा। देखो अगर मैं जीएसटी रूल्स की यहां पे बात करूं यूपीआई के ऊपर तो यहां पे जितने भी मर्चेंट्स हैं जो क्यूआर कोड बेस के ऊपर पेमेंट को एक्सेप्ट करते हैं। फिर चाहे वो कैश के अंदर यहां पे पेमेंट को एक्सेप्ट करते हैं
तो उनके लिए जीएसटी की एक थ्रेशहोल्ड लिमिट रहती है। तो अगर यहां पे मैं गुड्स की बात करूं नॉर्मल कैटेगरी स्टेट के अंदर ये ₹40 लाख की लिमिट रहती है। और कुछ स्पेशल कैटेगरीस्टेट है जो नॉर्थ ईस्ट वाले हैं या हिमाचल प्रदेश है उत्तराखंड है वहां पे ₹20 लाख की लिमिट रहती है। वहीं पे सर्विस के लिए यह सेम ₹20 लाख की लिमिट रहती है और स्पेशल कैटेगरी स्टेट के लिए ₹1 लाख की लिमिट रहती है।
Tax On UPI Transaction में तो अगर आप इस थ्रेशहोल्ड लिमिट को भाई क्रॉस करते हैं तो आपको जीएसटी के अंदर रजिस्टर होना पड़ता है और कस्टमर जो भी चाहे यूपीआई के थ्रू पेमेंट कर रहा है या कैश के अंदर पेमेंट कर रहा है आपको उनसे एडिशनल जीएसटी चार्ज करना पड़ेगा और गवर्नमेंट को यहां पे पे करना पड़ेगा। इसके अलावा जो यूज़र्स है जो यहां पे यूपीआई का पेमेंट कर रहा है तो देखो यूपीआई का कोई भी ट्रांजैक्शन चार्जेस नहीं है
तो उसके ऊपर कोई भी यहां पे जीएसटी वगैरह नहीं लगने वाला है। इवन आप जो गुड्स और सर्विस परचेस कर रहे हो आपको केवल उसकी वैल्यू के ऊपर अगर सामने वाला बंदा जीएसटी के अंदर रजिस्टर्ड है तो जीएसटी यहां पे आपको एडिशनल देना है। बाकी यूपीआई के ऊपर कोई भी आपका जीएसटी नहीं लग रहा है। बाकी जो बी टू बी ट्रांजैक्शन है वहां पे भी अगर आपका जीएसटी का इनवॉइस है तो आपको जीएसटी पे करना है।
Tax On UPI Transaction में GST
Tax On UPI Transaction में यूपीआई के ऊपर कोई जीएसटी नहीं है। यानी अल्टीमेटली आप जो पेमेंट कर रहे हो बेसिकली यूपीआई जो मेथड है उसके ऊपर कोई भी जीएसटी नहीं है। अगर सामने वाला बिजनेस पर्सन जीएसटी के अंदर रजिस्टर्ड है तभी आपको अपनी जेब से एडिशनल जीएसटी पे करना है। अब यह तो बात हो गई जीएसटी की। स्पेशली बिजनेस वाले लोगों के लिए। अगर यहीं पे अगर मैं इनकम टैक्स की बात करूं तो इनकम टैक्स जो है
सिंपली अगर सैलरी पर्सन है कोई ठीक है या कोई नॉर्मल पर्सन है तो उसकी नेट इनकम के ऊपर लगता है। अब नेट इनकम के अंदर आपका सैलरी आता है। बैंक का इंटरेस्ट आता है, कमीशन हो गया, स्टॉक्स के ऊपर, म्यूच्यूल फंड के ऊपर प्रॉफिट आपने जो कमाया है,
Tax On UPI Transaction में आपकी जो डिविडेंड की इनकम है, ये सारा जो है नेट इनकम के अंदर कंसीडर होता है और इसके ऊपर इनकम टैक्स लगता है। वहीं पर अगर मैं बिजनेस वाले पर्सन की बात करूं तो उसके पास में सैलरी की इनकम तो नहीं होती लेकिन बिजनेस की इनकम में उसका नेट प्रॉफिट होता है।
Tax On UPI Transaction में यानी जो भी उसका सेल है उसमें सारे खर्चे लेस कर दीजिए। जो भी उसका नेट प्रॉफिट होगा, जो भी उसका बैंक का इंटरेस्ट होगा, स्टॉक्स के म्यूच्यूलफंड्स के ऊपर जो भी प्रॉफिट होगा, डिविडेंड जो भी होगा, उसके ऊपर इनकम टैक्स लगता है। अब देखो इनकम टैक्स के अंदर अगर मैं एक बिजनेस की यहां पे बात करूं जिसके पास में एक प्रॉपर क्यूआर कोड है, उसके कस्टमर उस क्यूआर कोड को स्कैन करके पेमेंट करते हैं
और एज ए बिनेस वो कस्टमर को अपनी सर्विसेस या गुड्स वगैरह प्रोवाइड करता है। तो उस केस में भाई अगर देखो ₹1 लाख के ऊपर के अमाउंट अगर आप यह थ्रेशहोल्ड लिमिट क्रॉस करते हो तो यहां पर आपको सेविंग अकाउंट की जगह हमेशा एक बिजनेस का करंट अकाउंट यूज़ करना पड़ेगा और साथ में अगर आपका बिजनेस का नेट प्रॉफिट और आपकी कोई अदर इनकम जो है वो टोटल मिला के ₹2.5 लाख के ऊपर है
Tax On UPI Transaction में तो आपको हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भी यहां पे फाइल करनी पड़ेगी। अपना प्रॉपर जो है टर्नओवर दिखाना पड़ेगा। कितनी सेल हुई है आपके बिजनेस के अंदर और आपने कितना प्रॉफिट जनरेट किया है वह भी आपको इनकम टैक्स के अंदर शो करना पड़ेगा। जीएसटी की ऑलरेडी मैं बात कर चुका हूं। 40 लाख को क्रॉस किया तो उस केस में जीएसटी लेना पड़ेगा।
कस्टमर से जीएसटी चार्ज करके गवर्नमेंट को पे करना पड़ेगा। तो भाई बिजनेस वालों के लिए तो बहुत ही सिंपल है। इनकम टैक्स के अंदर प्रॉफिट के ऊपर टैक्स दो और जीएसटी के अंदर टर्नओवर के ऊपर जीएसटी चार्ज करके गवर्नमेंट को पे करो। अब बात करते हैं हम लोग नॉर्मल लोगों के लिए जहां पे एक पर्सन दूसरे पर्सन को जो है यूपीआई के थ्रू यहां पे ट्रांसफर करता है। तो देखिए इसके अंदर मल्टीपल टाइप के केस हो सकते हैं।
Tax On UPI Transaction में लोंन व अन्य
Tax On UPI Transaction एक केस हो सकता है मान लीजिए आपने किसी से लोन लिया है। आपने अपने फ्रेंड से मान लीजिए ₹500 ₹1 लाख ₹ लाख ₹3 लाख का लोन ले लिया यूपीआई के थ्रू मल्टीपल वेज़ के अंदर। तो देखिए अगर ये लोन का अमाउंट है और आप इसको फ्यूचर के अंदर यूपीआई के थ्रू ही यहां पे यानी कि डिजिटल बैंकिंग सिस्टम के थ्रू ही पे करने वाले हैं। तो लोन और एडवांसेस के ऊपर कोई भी इनकम टैक्स नहीं लगता है।
Tax On UPI Transaction में इसके ऊपर कोई भी ऐसी ट्रांजैक्शन की लिमिट नहीं है कि हां यार आपने इससे ज्यादा अगर यूपीआई किया तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके ऊपर टैक्स वगैरह लगा देगा। लोन अगर एडवांसेस है तो उसके ऊपर कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन ध्यान रखिएगा यह लोन एडवांसेस जब आप अपनी इनकमटैक्स रिटर्न फाइल करते हैं उस टाइम पे आपको शो करना पड़ेगा अगर कोई भी सिग्निफिकेंट अमाउंट है तो।
Tax On UPI Transaction में इसके अलावा दूसरा केस ये हो सकता है कि कई लोग आजकल यूपीआई टू यूपीआई जो है कई सारे ट्रांजैक्शन के अंदर यहां पे करते हैं। जैसे क्रिप्टो के ट्रांजैक्शन में पी टू पी होता है। वहां पे यूपीआई के थ्रू जो है कॉइंस यहां पे एक्सचेंज होते हैं। तो और इसके अलावा कई बार ये होता है कि आप किसी और के बिहाफ पे जो है उसका पेमेंट कर रहे होते हैं। उसका मान लीजिए कोई ईकॉम का ट्रांजैक्शन है।
Amazon से आपने ऑर्डर मार दिया है। Flipkart से आपने बहुत सारे ऑर्डर मार दिए हैं। गांव के अंदर कई सारे साइबर केस वगैरह होते हैं। जो प्रोडक्ट्स वगैरह मंगाते हैं और पूरे गांव का जो पेमेंट होता है वो अपने यूपीआई के थ्रू करते हैं। कैशबैक वगैरह अर्न करते हैं। कई लोग क्रेडिट कार्ड से जो है अपने बैंक अकाउंट के अंदर रिवर्सल मारते हैं। तो ऐसी कई सारी चीजें होती है।
तो यहां पे मैं बताना चाहूंगा अगर आप भाई प्रॉफिट कमा रहे हो उस चीज के ऊपर या आपको अर्निंग हो रही है तो वो आपको आईटीआर के अंदर प्रॉपर्ली शो करनी पड़ेगी और अपना प्रॉफिट दिखाना पड़ेगा। अपनी अर्निंग शो करनी पड़ेगी। क्योंकि भाई कैशबैक हो गया या फिर आपका जो प्रॉफिट है उसके ऊपर भी आपका इनकम टैक्स लगता है। अगर वो आप ₹. 5 लाख से ऊपर टोटल इनकम के अंदर अगर आप क्रॉस करते हो तो तो वो भाई स्लैब रेट के अकॉर्डिंग चार्ज होगा।
तो ये सारी चीजें भी आपको आईटीआर में दिखानी पड़ेगी। इसके अलावा अगर आप इसको एज ए बिज़नेस ही रन कर रहे हो। जैसे मान लीजिए क्रेडिट कार्ड से आप बैंक के अंदर ट्रांसफर कराते हो। कई लोग होते हैं स्वाइप मशीन उनके पास में होती है। क्रेडिट कार्ड स्वाइप करो फिर मैं आपको यूपीआई करूंगा। ठीक है?
Tax On UPI Transaction अधिकतम अमाउंट
Tax On UPI Transaction में तो इस तरह की अगर आप चीजें कर रहे हो तो करंट अकाउंट हमेशा यूज़ करना चाहिए और आपका एक्चुअल में जो भी प्रॉफिट हो रहा है वो आपको अपनी आईटीआर के अंदर दिखाना चाहिए। इसके अलावा यहां पे एक और टाइप के ट्रांजैक्शन होते हैं कि कभी कबभार मान लीजिए आपने ऐसे अपने फ्रेंड को मान लीजिए यह ले भाई ₹10,000 ₹15,000 ठीक है?
आपने एज ए इसको गिफ्ट ट्रांसफर कर दिया तो वहां पे भाई कोई दिक्कत नहीं है। इनकम टैक्स के अंदर ₹50,000 तक की लिमिटहै। पूरे साल भर के अंदर आप किसी भी पर्सन को एज ए ₹50,000 तक गिफ्ट यहां पे दे सकते हो। सामने वाले के ऊपर टैक्स नहीं लगेगा ₹00 तक लेकिन ₹00 के ऊपर है तो वो गिफ्ट भी भाई टैक्सेबल होगा।
Tax On UPI Transaction में इसके साथ में कई बार हम लोग फैमिली मेंबर के अंदर ही ट्रांसफर मारते हैं। पापा के अकाउंट में पैसे नहीं है। चलो मैं डाल देता हूं। पापा ने मेरे अकाउंट के अंदर डाल दिए। तो हम लोग जो यूपीआई के थ्रू अपने फैमिली मेंबर्स के अंदर जो इंटरनल ट्रांसफर मारते हैं उसके ऊपर कोई भी इनकम टैक्स नहीं लगता है अगर कोई भी सिग्निफिकेंट अमाउंट है तो आप जो है अपनी आईटीआई के अंदर उसको शो कर सकते हैं एज ए एक्सेंप्ट इनकम।
Tax On UPI Transaction और ध्यान रखिएगा यह फैमिली की डेफिनेशन बहुत बड़ी है आईटी एक्ट के अंदर। तो आपको पहले जानना होगा। ऐसा नहीं है कि आपका फ्रेंड जो है आपकी फैमिली के अंदर काउंट होगा। ऐसा नहीं होगा। तो फैमिली मेंबर की डेफिनेशन में जो भी पर्सन आते हैं केवल उन्हीं को आप इंटरनल जो ट्रांसफर करेंगे वही केवल आपका टैक्स एग्प्टेड रहेगा।
Tax On UPI Transaction में इनकम टैक्स नोटिस
Tax On UPI Transaction में अब बात करते हैं कि भाई इस टाइप का मैंने आपको जो जीएसटी का नोटिस दिखाया या इनकम टैक्स के भी ऐसे कई सारे नोटिसेस होते हैं। वो नोटिस आखिर कब आते हैं? तो भाई पहली चीज तो यह कि अगर आपको चेक करना है ना कि मेरे पैन कार्ड के अगेंस्ट में कौन-कौन से ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इनकम टैक्स पोर्टल के ऊपर जाओ।
एएस का ना यहां पे फीचर देखने को मिल जाएगा इसके अंदर आपके पैन कार्ड के अगेंस्ट में जितने भी ट्रांजैक्शन हो रखे होते हैं वो आपको दिखाएगा। हां यूपीआई वाले नहीं दिखाएगा। तो जनरली यहां पे क्या होता है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ना सारे ट्रांजैक्शन आपके ट्रैक कर रहा है। वो चाहे बैंक का इंटरेस्ट हो या आपने यूपीआई के थ्रू पेमेंट यहां पे रिसीव की है।
Tax On UPI Transaction में किसी को भेजा है। सब कुछ यहां पे ट्रैक होता है। तो यहां पे अगर कोई भी बंदा जो है ये सारे सिग्निफिकेंट नंबर के ट्रांजैक्शन कर रहा है। कभी भी जिंदगी में उसने आईटीआर फाइल नहीं की है तो डेफिनेटली देयर इज़ अ चांसेस कि उसको आईटीआई नोटिस यहां पे मिल सकता है।
इसके अलावा कई बार यह होता है कि लोग आईटीआर तो फाइल कर रहे होते लेकिन उसके अंदर अपनी इनकम को अंडर रिपोर्ट कर रहे हैं या फिर मान लीजिए गलत रिपोर्टिंगजारी है वहां पे आईटीआर के अंदर तो उस केस में भी आईटी डिपार्टमेंट जो है
क्लेरिफिकेशन के लिए नोटिस भेज सकता है। तो यहां पे अगर मैं पेनल्टी की बात करूं तो अगर आपने सच में ऐसी चीजें की है और अंडर रिपोर्टिंग की है, मिस रिपोर्टिंग कर रखी है, कभी आईटीआई वगैरह फाइल नहीं की है तो डिपेंड करता है अलग-अलग सेक्शंस होते हैं।
Tax On UPI Transaction में अन्य सावधानियाँ
Tax On UPI Transaction में बाकी अगर मैं हाईएस्ट पॉसिबिलिटी की बात करूं तो 50 से भाई 200% तक की आपके ऊपर टैक्स पेनल्टी यहां पे अराइज़ हो सकती है। तो गाइस अब आप लोगों को समझ में आ गया होगा कि आप जितने भी यूपीआई के ट्रांजैक्शन कर रहे हैं उसको सोच समझ कर कीजिए। ऐसे फालतू में जो है यहां पे रोटेशन वगैरह मत कीजिए। कई लोग जो करते हैं ऐसी चीजें आपको नहीं करनी चाहिए।
और बिजनेस वालों के लिए बिल्कुल एकदम सिंपलीफाई है उनके लिए। दो जैसे मैंने आपको नोटिस भी दिखाया जीएसटी के अंदर 20 लाख 40 लाख को थ्रेशहोल्ड लिमिट को अगर आप क्रॉस करते हैं जीएसटी आपको लेना पड़ेगा और आईटीआर के अंदर भी आपको प्रॉपरअपना बिजनेस का टर्नओवर दिखाना है अपना प्रॉफिट यहां पे डिक्लेअर करना है और उसके ऊपर जो भी टैक्स बनता है
Tax On UPI Transaction में इनकम टैक्स के अंदर वो आपको पे करना है और अगर पर्सन टू पर्सन है तो वो डिपेंड करता है इंटरनल ट्रांसफर फैमिली के अंदर वहां पे टैक्स नहीं लगेगा लोंस एडवांसेस है वहां टैक्स वगैरह नहीं लगेगा लेकिन अगर आप ऐसी कुछ चीजें कर रहे हैं जहां पे वहां पे आपकी इनकम हो रही है तो वह भाई आपको आईटीआई के अंदर डिक्लेअर करनी पड़ेगी। सो गाइस होप यू लाइक दिस लेख।
प्लीज सब्सक्राइब आवर चैनल। अगर आप लोग के कोई भी डाउट्स है कमेंट बॉक्स के अंदर जरूर बताइए। और एक टैक्स कंसलटेंट से अगर आप कंसलटेंसी लेना चाहते हैं, हेल्प लेना चाहते हैं,
भाईयों यदि ये Tax On UPI Transaction वाली मेरी जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।







