UPI Closed पर चर्चा में दोस्तों आप में से ज्यादातर लोग यूपीआई का यूज करते होंगे। बड़े -बड़े शहरों से लेकर छोटे-छोटे गांवों तक के बारे में हम बात कर रहे हैं। उन सबके लिए आप में से ज्यादातर लोग पेमेंट में यूपीआई यूज करते चले आ रहे हैं। डेफिनेटली UPI Closed हो जाने के कारण में यूपीआई के तौर पे आप काफी परेशानियों को देखते होंगे।
जो ऐप आप यूज करते हैं। फोन पे या फिर कैश तो हम लोग बहुत ही कम रखने लगे हैं। और आज का जो लेख होने वाला है। वह इसी टॉपिक से रिलेटेड है। चाहे तो आप कैश का यूज करते हैं तब भी आपकी जेब पर थोड़ा सा गहरा इंपैक्ट पड़ने वाला है। और यूपीआई के बारे में भी कुछ बदलाव होने वाले हैं। कि कुछ ऐसे नंबर हैं। जो नंबर बंद होने वाले हैं।
कौन से नंबरों पर UPI Closed अर्थात UPI अब काम नहीं करेगा क्यों फ्रॉड को रोकने के लिए गवर्नमेंट के द्वारा ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं। हालांकि मैं आपको यहां पर यह बताऊंगा कि जो एटीएम से पैसे निकालना अब क्यों महंगा हो जाएगा आप लोगों के लिए और आपके पैसे ज्यादा क्यों कटने वाले हैं। तो इन दोनों मुद्दों पर हम लोग इस लेख में पूरे में बातचीत करेंगे।
यह पूरा का पूरा हमारा प्रोग्राम होगा। आप यहां पर न्यूज़ देख सकते हैं। यूपीआई यूजर अलर्ट बैंक एंड यूपीआई एप टू इंप्लीमेंट न्यू मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन रूल्स फ्रॉम अप्रैल 1 2025 यानी कि यहां पर जो आपके मोबाइल नंबर पर जिन मोबाइल नंबर पर आप जो यूपीआई आईडी आपकी होती है। जो आप यूज यहां पर कर रहे हैं। उसके जो वेरीफिकेशंस है।
इनके जो नियम है वो 1 अप्रैल से नए नियम सभी को फॉलो करने पड़ेंगे इन चीजों को हमें यहां पर देखना है। तो शुरुआत करते हैं। जी बहुत इंपोर्टेंट लेख होने वाला है। लेकिन आपके लिए जो जरूरी खबर यह है। कि अनअकैडमी के द्वारा हमारे जो यूपीएससी सीएससी के प्लस कोर्सेस हैं। उस पर हमारा जो 60 का जो ऑफर है। उसको यहां पर लाइव रखा गया है। और साथ ही साथ आपको जो 12 महीने यानी कि एक साल तक का जो एक्सटेंशन है।
वो आपको यहां पर देखने को मिलेगा ध्यान रखना ये है जो हमारे सभी ऑफर्स हैं। ये सिर्फ आज रात तक के लिए अवेलेबल है। इनमें आपको जीएस स सेट टेस्ट सीरीज सभी बैच का एक्सेस मेंस की टेस्ट सीरीज भी डेडिकेटेड डाट सॉल्विंग सेशंस और वन टू वन मेंटरशिप ध्यान रखेंगे। इन सभी ऑफर्स का फायदा उठाने के लिए आपको शुभ 50 यह कोड लगाना होगा। तभी आप इन ऑफर्स का फायदा उठा पाएंगे जो भी सारी की सारी चीजें आपको मिल रही हैं।
यहाँ पर पहले से जो UPI Closed वाला मुद्दा है। उसके बारे में बात करेंगे। फिर वो मुद्दा हमारा पूरा हो जाएगा। उसके बाद हम जो एटीएम वाले इश्यूज हैं। उन एटीएम वाले इश्यूज पर हम बात करेंगे। जो कि महंगे होते हैं। आपकी जेब पर बोझ पड़ने वाला है। डेफिनेटली यहां पर आप देखें तो नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी कि जो एनपीसीआई है। उसमें सभी जो बैंक हैं। यूपीआई पेमेंट एप्स के हैं। और थर्ड पार्टी यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस है। यानी जिसे हम यूपीआई बोलते हैं।
यह सेवा प्रदाताओं के लिए जो नए दिशा निर्देश हैं। इनको यहां पर जारी करा गया है। ये जो निर्देश हैं। संख्यात्मक यूपीआई आईडी यानी कि जिन्हें न्यूमेरिक यूपीआई आईडी कहते हैं। इनके यूज से संबंधित हैं। सभी यूपीआई सेवा प्रदाताओं को 31 मार्च 2025 तक इन नए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। यानी कि 1 अप्रैल से यह जो सभी के सभी नियम हैं। ये नियम लागू हो जाएंगे। सभी को इनको फॉलो करना होगा। अब भाई क्या बदलाव होने वाले हैं। क्या नए नियम आने वाले हैं। या फिर क्या नए नियम आए हैं।
तो बैंक और यूपीआई एप्स को अपने मोबाइल नंबर जो रिकॉर्ड हैं। इनकी साप्ताहिक जांच और अपडेट करनी होगी। क्योंकि आप लोग जानते हैं। काफी सारी चीजें ऐसी होती है। जिनकी वजह से फ्रॉड बहुत ज्यादा होता है। यूपीआई के माध्यम से हो सकता है। आप में से कुछ लोग इस फ्रॉड के शिकार हुए हैं। और आप भी जानते हैं। कि कोई आपको हो सकता है कुछ दो चार आपको भेज देगा। फिर आपकी डिटेल्स मांगेगा आपसे बोलेगा गलती से चले गए ऐसे चले गए अलग-अलग तरीकों में से बहुत सारे नंबर ऐसे भी होते हैं। जो नंबर ऑपरेशनल नहीं है। उन पर भी पेमेंट्स होते हैं।
जिनकी वजह से काफी सारे फ्रॉड सामने आते हैं। तो ये चीजें हमें देखने को मिलेंगी ताकि जो पुनः उपयोग किए गए रिसाइकल या फिर बदले गए मोबाइल नंबर हैं। उनके कारण होने वाली जो गलतियां हैं। और इन गलतियों की वजह से जो सारे फ्रॉड हो जाते हैं। और काफी ज्यादा फाइनेंशियल लॉसेस और उसके साथ यहां पर जो बैंक्स का और जो अभी हमारी रिलेटेड जो अथॉरिटीज हैं। उनका काफी समय बर्बाद होता है। इसलिए बैंक उनकी UPI Closed कर देती है।
इन सभी फ्रॉड के कारण और जनता का यानी कि हम लोगों का पैसे का नुकसान तो होता ही है। यूपीआई एप्स को उपयोगकर्ताओं ने स्पष्ट सहमति यानी कि एक्सप्लिसिट जो कंसेंट है। ये लेनी होगी। यूपीआई को सीधे तरीके से इससे पहले कि वे किसी यूजर के लिए संख्यात्मक यूपीआई आईडी असाइन करें। या फिर अपडेट करें। यानी कि आपसे अनुमति ली जाएगी कि कौन सी आईडी आपको देनी है। या फिर आईडी देने से पहले आपको अनुमति देनी पड़ेगी। डिफॉल्ट रूप से यूजर्स को इस सुविधा में शामिल यानी कि ऑप्ट इन नहीं किया जाएगा।
बल्कि उन्हें स्वयं इस सुविधा को सक्षम करना होगा। यानी कि अब तक ऐसी चीजें होती थी। ऑटोमेटिक आपको आईडी वगैरह ऐसे सारी चीजें मिलती थी। लेकिन अब आपको खुद एक्सेप्ट करनी होंगी। असाइन करने के लिए आपको सभी सारी चीजें उससे पहले आपको अनुमति यां देनी होंगी। कोई भी ऐप लेनदेन के दौरान यूजर से सहमति नहीं मांग सकता है। ताकि भ्रम की जो स्थिति है। वह ना बने यानी कि जब भी आप पेमेंट वगैरह करेंगे।
तो तब कोई परमीशन आपको देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अगर एनपीसीआई की प्रणाली यूपीआई आईडी को सत्यापित करने में अधिक समय लेती है।तो यूपीआई एप्स अस्थाई रूप से इस समस्या को आंतरिक रूप से अपने इंटरनली वो हल कर पाएंगे। हालांकि इन मामलों की जो मासिक रिपोर्ट है। यह एनपीसीआई को यहां पर प्रस्तुत करनी पड़ेगी। देखो एक चीज है। जैसा मैंने आपको बताया कि यह जो पर कुछ ऐसे फ्रॉड होते हैं।
जो कि पुराने नंबर्स हैं। जो कि पुराने नंबर अभी ऑपरेशंस में नहीं है। अभी यूज नहीं हो रहे हैं। स्टिल उन पर जो काफी सारे जो पेमेंट्स हैं। ऐसे कुछ फ्रॉड हमें देखने को मिलते हैं। उनके ऊपर पेमेंट होने की वजह से क्योंकि आप हमारा जो टेलीकॉम जो हमारे जितनी भी अथॉरिटीज होती हैं। उनके रेगुलेशंस के बारे में बात करें।
तो आप लोग जानते हैं। कि यदि 3 महीने तक कोई भी मोबाइल नंबर एक्टिव नहीं है। इसलिए UPI Closed किया गया है या फिर उस नंबर पर रिचार्ज नहीं होता है। तो वो नंबर बंद हो जाते हैं। उस बारे में कुछ रेगुलेशंस है। उनके बारे में बात करते हैं। तो हमारा डीटी यानी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम इसके रेगुलेशंस के अकॉर्डिंग किसी भी मोबाइल नंबर के डिस्कनेक्ट होने के 90 दिनों बाद वो किसी नए ग्राहक को पुनः आवंटित किया जा सकता है।
आमतौर पर यदि कोई उपयोग करता है अपने नंबर से और 90 दिनों तक कॉल नहीं करता एसएमएस नहीं भेजता या डाटा का उपयोग नहीं करता तो टेलीकॉम कंपनी उन नंबरों को निष्क्रिय कर देती है। जैसा आप लोग जानते हैं। की हो भी सकता है। आपके नंबर भी बंद हुए होंगे रिसेंटली मेरा एक नंबर बंद हुआ था। इसके बाद ये कंपनियां निर्धारित समय और अंतराल करने के बाद ही इन्हें निष्क्रिय माँ लेती हैं।
और उन मोबाइल नंबरों की UPI Closed में नए ग्राहकों को फिर से अलोंट / जारी करते हुए आपने देखा होगा। आपका कोई नंबर बंद हुआ और अगर आपका वो नंबर सेव है। तो कंपनी ने अब उस नंबर को किसी और को असाइन एलोकेट कर दिया है। ऐसे नंबरों को रिसाइकल या फिर चर्नर नंबर कहा जाता है। यानी कि पहले ये किसी और के थे। UPI Closed के कारण में इनके नम्बरों पर कई महीने से कोई रिचार्ज नहीं हुआ था। अब उस नंबर को दूसरों को दे दिया है। अब यूपीआई एप्स सहमति यानी कि कंसेंट मांगेंगे। तो कौन सी कंसेंट होंगी।
देखो भाई यूपीआई ऐप के लिए अब यूजर से स्पष्ट रूप से ये पूछना होगा। कि क्या वो यूजर अपने बैंक प्रमाणित यानी कि बैंक वेरीफाइड मोबाइल नंबर को यूपीआई आईडी से लिंक करना चाहते हैं। जो आपकी यूपीआई आईडी है। उसे क्या आप बैंक से लिंक करना चाहते हैं। अब इन सभी जो यूपीआई ऐप हैं। इनको ये पूछना होगा यूपीआई नंबर एक ऐसा नंबर होता है।
जो यूपीआई आईडी की पहचान के रूप में कार्य करता है। और इसे किसी भी ऐप के माध्यम से धन राशि प्राप्त करी जा सकती है। यानी कि किसी का नंबर होता है। जैसे मान लीजिए ये नंबर है। इसके पीछे रेट यूपीआई वाई बीएल कुछ ऐसा लगा रहता था। तो ये यूपीआई आईडी जिसको हम जानते हैं। नाउ पहले जो यूजर्स होते थे। उनसे इस बारे में स्पष्ट सहमति नहीं ली जाती थी। लेकिन अब यह जो सहमति लेना अनिवार्य हो गया है।
पूरी तरह से बैंक और पीएसपी जो एप्स हैं। उनको अपने डेटाबेस को नियमित रूप से अपडेट करना होगा। ताकि यूपीआई आईडी को सही ढंग से मैप किया जा सके लेनदेन में गलतियां रोकी जा सके और यूजर सुरक्षा को बढ़ाया जा सके ओवरऑल यहां पर ऐसा कहा जा रहा है। कि जो फ्रॉड होते हैं। उन फ्रॉड को रोकने की जो कोशिश है। वो कोशिश यहां पर करी जा रही है।
UPI Closed से बचने के लिए सभी बैंक और यूपीआई एप्स को 31 मार्च 2025 तक इन सभी रूल्स को फॉलो करना होगा। अप्रैल 2025 से सभी बैंक और यूपीआई एप्स को मासिक रिपोर्ट एनपीसीआई को देनी होगी। कि वे संख्यात्मक यूपीआई आईडी को कैसे मैनेज कर रहे हैं। ओवरऑल सरकार की हर एक कोशिश यही है। कि किस तरह से जो फ्रॉड हो रहे हैं। यानी कि और ज्यादा चीजों को ट्रांसपेरेंट बनाया जा सके और ज्यादा चीजों को बेहतर बनाया जा सके तर्क तो ऐसा है। सच्चाई या फिर परिणाम क्या निकल के आते हैं।
वह देखने वाली बात होगी। यह अपडेट यूपीआई ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए लाया गया है। जिससे मोबाइल नंबर परिवर्तन के कारण होने वाली गलतियों को रोका जा सके और यूपीआई भुगतान में सुधार किया जा सके। तो ये तो यूपीआई के मामले में जो सारे नियम है। वो नियम अभी हमें देखने को मिल गए हैं। अब यानी कि जो यूपीआई में अपडेट से संबंध यानी जो नंबर से संबंधित सारी चीजें थी।
अब बात कर लेते हैं। एटीएम तो भाई हो कुछ भी अल्टीमेटली जनता की जेब पर ही भार पड़ना है। तो आप लोग जानते हैं। की अभी तक आप जो एटीएम से लेनदेन करते थे। जो लोग कैश यूज करते हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं। जो एक सर्टेन लिमिट दी गई होती है। कि तीन बार से या फिर पांच बार से अलग-अलग शहरों के हिसाब से तो अगर आप उस लिमिट से ज्यादा पैसा निकालते हैं।
UPI Closed हो जाने पर एटीएम से तो आपको कुछ चार्जेस कटौती होती है। बाकी आपकी बैंक के द्वारा कुछ पैसे हैं। वो काटे जाते हैं। इन्हीं पैसों में अब बढ़ोत्तरी करी गई है। अब ग्राहको को अपनी निशुल्क निकासी सीमा पार करने पर प्रति लेनदेन ₹ अतिरिक्त देने होंगे। आपको लग रहा है। यह ₹ बहुत छोटी रकम है। लेकिन जब ऐसे बड़े वॉल्यूम में ऐसे जो ट्रांजैक्शंस होते हैं। ऐसे पैसे की कटौती होती है। तो डेफिनेटली जिस अथॉरिटी के पास ये पैसे जाते हैं। उनके पास पैसा ठीक-ठाक आ जाता है। आपके पास क्योंकि ₹ कट रहे हैं। तो हो सकता है।
आपको लगे ₹ ही तो कट रहे हैं। गैर लेनन शुल्क में भी ₹1 की वृद्धि करी गई है। नए शुल्क के अनुसार एटीएम से नकदी निकालने पर अब प्रति लेनदेन ₹1 से बढ़ा के अब ₹2 काटे जाएंगे। अगर आप एक अथॉरिटी से एक जो सीमा है। उस लिमिट से ज्यादा अगर आप जो है। पैसा निकालते हैं। एटीएम से तो इसी तरह से एटीएम पर खाते की शेष राशि है।
उसकी जांच करने पर अब जो 6 के बजाय ₹ प्रति लेनदेन खर्च होंगे। यानी कि यहां पर भी जो पैसा है। वो बढ़ा दिया गया है। संशोधित शुल्क तभी लागू होंगे जब ग्राहक अपनी मुफ्त लेनदेन सीमा पार कर लेंगे यानी कि जो मान लीजिए। जैसे हम बात करते हैं। कि यहां तीन और चार जो सीमा दी गई है।
जैसे की वर्तमान में जो मेट्रो शहर है। वहां पर अन्य बैंकों के अगर आप एटीएम यूज करते हैं। मान लीजिए आपके पास एसबीआई का एटीएम है। यानी कि एटीएम कार्ड है। एसबीआई में आपका अकाउंट है। UPI Closed से बचने के लिए तो आप एसबीआई की बजाय अन्य एटीएम में जाके उस कार्ड का यूज करते हैं। तो आपको कुछ ऐसी छूटें दी रहती हैं।
और वो है। कि मान लीजिए अन्य जो मेट्रो शहर है। अन्य बैंकों के एटीएम पर प्रतिमाह पांच मुफ्त लेनदेन हैं। वो कर सकते हैं। और गैर मेट्रो शहरों में ऐसे तीन लेनदेन की जो सीमा है। वो निर्धारित करी गई है।
UPI Closed में अगर इस सीमा को आप पार करते हैं। या फिर इस सीमा से अधिक आप ट्रांजैक्शन करते हैं। या फिर कैश निकालते हैं। तो उस कंडीशन में जो पैसे ₹1 लगते थे अब वो ₹ लगेंगे। उसी प्रकार से जो चेक बैलेंस के जो चीजें थी।
वो भी सारी चीजें आपको यहां पर ज्यादा देखने को को मिलेंगे। तो अल्टीमेटली हमारी पॉकेट पर जो भार है। वो पड़ने वाला है। तो थोड़ा सा ये हो सकता है। कि देखिए सरकार के द्वारा जैसे UPI के बारे में बात करें तो उनके द्वारा तो ये तर्क दिया जा रहा है।
कि भाई हम चीजों को फ्रॉड से रोकने के लिए चीजों को ज्यादा ट्रांसपेरेंट ज्यादा अच्छा बनाने के लिए सब कर रहे हैं। लेकिन दे देखने वाली बात यही होगी। कि इनका इंपैक्ट कैसा निकल के आता है। क्योंकि एटीएम वाली सीधी सी चीजें तो वही है। कि एटीएम वाली चीजें तो जो ग्राहक हैं। हम लोग हैं। हमारी जेब पर ही भर पड़ना है।
चाहे छोटे स्तर पर क्यों ना हो हमारे छोटे छोटे से पैसे निकल गए हां उनके पास ठीक-ठाक पैसे हैं। वो इकट्ठे हो जाएंगे UPI Closed में आपका क्या मानना है। आप अपना ओपिनियन करके मुझे कमेंट सेक्शन जरूर बताए।
दोस्तों मेरी इस UPI Closed की जानकारी में अपनी राय और प्रतिक्रिया अवश्य करें। जिससे मैं आयी हुयी कमियों में हम सुधार कर सकें।
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