Bank Se Cash में आपने ईमानदारी से अपना पूरा इनकम टैक्स पे किया। Bank Se Cash निकालने के लिए सारा पैसा आपने बैंक में जमा करके रखा।
Bank Se Cash के बारे में
Bank Se Cash के लिए एक दिन आप बैंक से कैश निकालने जाते हो और पता चलता है कि बैंक उस कैश पर भी अब आपका टैक्स काटने वाला है। सर उसको टैक्स नहीं बोलते उसको टीडीएस बोलते हैं। आप मुझे जरूर करेक्ट करेंगे। जी हां, टीडीएस ही बोलते हैं और टीडीएस ऑन कैश विड्रॉल कोई नई चीज नहीं है सर। वह तो 2020 से इनकम टैक्स में आई हुई है।
पुराना सेक्शन है सेक्शन 194 एन जिसमें टीडीएस काटा जाता था। जब आप बैंक से कैश निकालते थे। अब 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट इफेक्ट में आ गया है और इसके अंदर टीडीएस ऑन कैश विड्रॉल में दो बड़े बदलाव किए गए हैं। ये सेशन स्टार्ट करने से पहले 88% व्यूअर्स ने हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया।
ऐसी फाइनेंस और टैक्सेशन की लेटेस्ट जानकारी के लिए सब्सक्राइब जरूर करें हमारे चैनल techlabnol.com को। पहली चीज यहां पर है थ्रेशहोल्ड लिमिट जो है वो चेंज कर दी गई है। पहले थ्रेशहोल्ड लिमिट क्या होती थी? अगर आपने आईटीआर फाइल नहीं की तो आपके लिए अलग लिमिट होती थी और आईटीआर फाइलर्स के लिए अलग लिमिट होती थी।
Bank Se Cash में रेगुलरली अपनी आईटीआर फाइल करना
Bank Se Cash में अगर आप रेगुलरली अपनी आईटीआर फाइल करते हुए आ रहे हैं तो उस केस में आपके लिए लिमिट 1 करोड़ होती थी। एंड 1 करोड़ से ज्यादा जैसे ही आप एक फाइनेंसियल ईयर में 1 करोड़ से ज्यादा कैश विथड्रॉ करेंगे तो आपका 2% टीडीएस काटा जाएगा। दूसरी तरफ अगर आप आईटीआर फाइल नहीं करते नॉन फाइलर ऑफ आईटीआर है उस केस में ये लिमिट 20 लाख की हो जाती है।
20 लाख से 1 करोड़ तक आपका 2% टीडीएस काटा जाएगा और 1 करोड़ से ज्यादा आपका 5% टीडीएस काटा जाएगा। अब इस चीज को सिंपलीफाई कर दिया न्यू इनकम टैक्स एक्ट के अंदर। अब आपकी जो लिमिट रहेगी वो पूरे फाइनेंसियल ईयर की 1 करोड़ की रहने वाली है।
Bank Se Cash के लिए फाइनेंसियल ईयर
Bank Se Cash में यानी अगर आप एक फाइनेंसियल ईयर में 1 करोड़ तक पैसा निकालेंगे तो टीडीएस नहीं काटा जाएगा और 1 करोड़ से ज्यादा निकालेंगे तो 2% का टीडीएस यहां पर काटा जाएगा। सर ये तो अच्छी बात है ना। पहले 20 लाख की लिमिट हुआ करती थी। पहले 20 लाख की लिमिट हुआ करती थी।
उसको इनक्रीस करके अब तो 1 करोड़ कर दिया सभी केसेस में। तो यह तो अच्छी बात है। गुड न्यूज़ है। हां जी। यह आपके लिए गुड न्यूज़ है। अब सुनिए बैड न्यूज़ क्या है? पहले टीडीएस किस अमाउंट पे काटा जाता था? बहुत ध्यान से सुनिए। नया चेंज है जो 1 अप्रैल से इफ़ेक्ट में आ चुका है। पहले टीडीएस किस अमाउंट पे काटा जाता था?
पुराने लॉ में टीडीएस काटा जाता था एक्सेस वाले अमाउंट पे। जैसे एक एग्जांपल से आपको समझाता हूं। आप बैंक गए 15th अप्रैल 2026 को। ₹20 लाख आपने कैश विथड्रॉ किया। आपका अगर बिजनेस है या घर में शादी है या कोई और कारण है और उस केस में कैश की आपको जरूरत है। ₹20 लाख आपने विथड्रॉ किया।
Bank Se Cash में उसके बाद आप फिर से फोर्थ जून को गए। आपने ₹60 लाख विथड्रॉ किया बैंक से अपने सेविंग अकाउंट से। नेक्स्ट 16 अगस्त को आप गए और आपने ₹20 लाख और विथड्रॉ कर लिया यहां पर। तो आपका टोटल विथड्रॉल अभी तक इस फाइनेंसियल ईयर में कितना हो चुका है? ₹ लाख यह हो चुका है। 60 लाख यह हो चुका है। 20 लाख यह हो चुका है। 1 करोड़ हो चुका है।
अब आप फिर से जाते हो 4th अक्टूबर। ध्यान से नोट कीजिएगा। 4th अक्टूबर को आप जाते हो। ₹5 लाख विथड्रॉ करके हट जाते हो कैश में। अपना ही पैसा है। वाइट का पैसा है जिस पे टैक्स आप दे चुके हो। यह चीज आप ध्यान रखना। अब यहां पे आपसे बोला जाता है कि आपकी 1 करोड़ की लिमिट क्रॉस हो गई है। तो आपका टीडीएस ट्रिगर हो जाएगा।
Bank Se Cash में पुराने एक्ट के बारे में
Bank Se Cash में अब पुराने एक्ट में क्या लिखा हुआ था? जो अमाउंट ₹1 करोड़ को एक्सेस कर रही है केवल उस पे आपको टीडीएस देना होगा। यानी हमारे केस में ₹1 करोड़ से एक्सीड हो रही है ₹5 लाख की अमाउंट। तो ₹5 लाख के ऊपर आपको 2% टीडीएस यहां पर देना होगा जो कि आपका ₹10,000 आएगा। अब टीडीएस की जहां तक बात है देखो टीडीएस आपका अभी कट जाएगा।
नेक्स्ट ईयर में जब आप आईटीआर फाइल करोगे तो उसको क्लेम कर लोगे। उस पर अभी हम थोड़ी देर में चर्चा करेंगे। लेकिन अब समझो इंपॉर्टेंट चेंज जो फर्स्ट अप्रैल से आ रहा है। फर्स्ट अप्रैल से जो नया लॉ है उसमें लिखा हुआ है आपका जो टीडीएस अब काटा जाएगा वो एंटायर अमाउंट के ऊपर काटा जाएगा। जैसे ही आपने लिमिट क्रॉस की तो एंटायर सम के ऊपर आपका टीडीएस काटा जाएगा।
एंटायर सम का मतलब क्या होता है? टोटल अमाउंट जो आपने अभी तक विथड्रॉ करी उस पर टीडीएस काटा जाएगा। मतलब 4th अक्टूबर को मैं विड्रॉ तो ₹5 लाख कर रहा हूं। लेकिन अभी तक मैंने एंटायरली इस फाइनेंसियल ईयर में कितना विड्रॉ कर लिया? ₹15 लाख। तो अब जो 2% टीडीएस कटेगा वो एंटायर सम के ऊपर कटेगा।
₹15 लाख के ऊपर कटेगा। तो पहले जहां मेरा ₹100 का टीडीएस बन रहा था। अब मेरा जो टीडीएस बनेगा वो ₹2,000 बनेगा। अब हम टीडीएस की बात करते हैं। टीडीएस आपका कट गया तो टीडीएस तो रिफंड आ जाएगा। सर नेक्स्ट ईयर हम अपनी आईटीआर फाइल करेंगे और इसको क्लेम कर लेंगे अपनी आईटीआर में और उस टीडीएस को रिफंड ले लेंगे या फिर एडजस्ट करवा लेंगे अपने टैक्स से।
Bank Se Cash में टीडीएस का ऑब्जेक्टिव
Bank Se Cash में लेकिन आप एक चीज समझिए टीडीएस का ऑब्जेक्टिव क्या था? जब टीडीएस इंट्रोड्यूस किया गया इनकम टैक्स के अंदर तो उसका ऑब्जेक्टिव था इसकी फुल फॉर्म क्या होती है? टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स। सोर्स का मतलब जहां से वो इनकम डराइव हो रही है। क्या डराइव हो रही है? इनकम जहां से डराइव हो रही है वहीं से टैक्स को काट लिया जाएगा।
जैसे अगर आप कहीं पर जॉब करते हैं तो आपका एंप्लयर जो है वो सोर्स होता है। एंप्लयर से आपको पैसा मिलेगा तो एंप्लयर उस पे टीडीएस काट लेगा। तो टीडीएस का ऑब्जेक्टिव ये था कि आपकी इनकम जहां से डराइव हो के आ रही है तो जो सोर्स है वहां से टीडीएस काट लिया जाएगा। और इसी से ये वर्डिंग बनती है टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स। अब मुझे एक बात बताइए बैंक से आप अपना ही पैसा वाइट का पैसा जिस पे टैक्स दे के आ रहे हो और आप वो पैसा निकाल रहे हो।
क्या वो आपकी इनकम है? नहीं। वो आपकी इनकम तो नहीं है। वो तो जस्ट एक ट्रांजैक्शन है। आपका कॉन्ट्रा एंट्री है। अगर आप एक अकाउंटेंट है तो आप समझते हो बैंक से पैसा निकाला। ठीक है? तो वो आपका ही पैसा था। आपके पास ही आया। वाइट का पैसा था तो एक ट्रांजैक्शन के ऊपर आपने नॉर्मली टीडीएस लगा दिया तो उसका लॉजिक समझ में नहीं आता है। टीडीएस का जो ऑब्जेक्टिव था वो यहां पर फेल हो जाता है।
Bank Se Cash में गवर्नमेंट को ट्रांजैक्शन
Bank Se Cash में इससे अच्छा अगर गवर्नमेंट को ट्रांजैक्शन को ट्रैक ही करना था तो ट्रैक करने के अदर मैकेनिज्म भी हैं इनकम टैक्स के अंदर जिसको हम बोलते हैं एसएफटी सिग्निफिकेंट फाइनेंसियल ट्रांजैक्शन या हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन। कैश डिपॉजिट आप 10 लाख से ज्यादा करते हो उसकी रिपोर्टिंग की जाती है।
तो आप कैश विथड्रॉ में भी कर दो। सेविंग अकाउंट में कैश विथड्रॉ की एसएफटी रिपोर्टिंग नहीं होती है। तो आप टीडीएस हटा करके एसएफटी रिपोर्टिंग कर सकते थे। अगर आप लॉ को सही मायने में इजी बनाना चाहते थे और टैक्स पेयर के लिए सिंपलीफाई करना चाहते थे। लेकिन आपने कैश विथड्रॉ को एसएफटी में रखने की जगह इसके अंदर ही कंटिन्यू किया कि हम तो टीडीएस ऑन कैश विथड्रॉल लेंगे और साथ के साथ एंटायर अमाउंट पे लेंगे।
Bank Se Cash में पहले जो केवल एक्सेस अमाउंट पे लिया जाता था। अब वो एंटायर अमाउंट के ऊपर टीडीएस लिया जाएगा। तो ये बहुत बड़ी अपडेट है स्पेशली उन टैक्स पेयर के लिए उन बिजनेसेस के लिए जो बैंक से कैश निकालने जाते हैं और बहुत फ्रीक्वेंटली कैश निकालते हैं और 1 करोड़ की लिमिट को वो क्रॉस कर देते हैं। उनके लिए बहुत जरूरी खबर है। ध्यान रखिएगा अब आपका टीडीएस का जो ये सेक्शन है कैश विथड्रॉल का वो फर्स्ट अप्रैल से इस तरीके से चेंज हो गया है।
दोस्तों Bank Se Cash वाली मेरी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।






