ATM Now Be Shut down में ATM आज के जमाने में हमारे जीवन के लिए बड़ा ही अहम हो चुका है और हम ATM Now Be Shut down के अन्तर्गत ATM के बारे में बात करने वाले हैं।
ATM Now Be Shut down के बारे में
ATM Now Be Shut down एटीएम के संदर्भ में अब न्यूज़ आ रही है कि क्या अब आने वाले समय में जो एटीएम है वह बंद हो जाएंगे? अब देखिए सुनने में बड़ा अटपटा लगता है और इस अजीबोगरीब बात की चर्चा के पीछे कुछ कारण भी है।
कारणों पर हम बात करेंगे। लेकिन अभी जो न्यूज़ आ रही है कि जो हमारे देश का केंद्रीय बैंक या देश का मुख्य बैंक कह सकते हैं जो आरबीआई है जिसे हम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कहते हैं उसकी ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया एक रिपोर्ट आई और इस रिपोर्ट में जो बातें खुलकर आई हैं वो बड़ी चौंकाने वाली है।
ATM Now Be Shut down होने के बाद उसमें यह कहा गया है कि पहले जितनी तेजी से एटीएम लगाए जा रहे थे, उनकी जो लगाए जाने की दर थी, वह काफी अधिक थी। और अब जो स्थिति है एक तो लगाए जाने की दर बहुत कम हो चुकी है। जबकि यह कहा जा रहा है कि बैंकों का विस्तार अब लगभग सभी क्षेत्रों में बड़े स्तर पे खासतौर पे ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गम पर्वतीय पहाड़ी क्षेत्रों में अब बड़े स्तर पे किया जा रहा है।
ATM Now Be Shut down के बाद लेकिन अब एटीएम लगाए जाने की जो दर है वह तो घटी हुई है। उसके अलावा पहले से लगे हुए बहुत सारे जो एटीएम है वह बंद हो रहे हैं और जो बंद हो रहे हैं उन्हें अब चलाया नहीं जा रहा है। और ये एकदम से कह सकते हैं कि एक कंट्राडिक्शन देखने को मिलता है। विरोधाभासी बात देखने को मिल रहा है कि एक तरफ बैंकों का विस्तार हो रहा है।
ATM Now Be Shut down का कारण में UPI
शाखाएं खुल रही है। एटीएम और बनाए जाने की बात की जा रही है कि नहीं इनकी डिमांड है। लेकिन दूसरी तरफ जो आरबीआई की ये रिपोर्ट आई है। यह बड़ी ही चौंकाने वाली हमें कई सारी न्यूज़ देती है। कई सारे इंफॉर्मेशन देती है जिसकी आज हम चर्चा करेंगे और इससे जुड़े हुए बहुत सारी जो बातें हैं उन पर भी हम क्या करेंगे? बात करेंगे।
तो यही आज हमारे चर्चा का विषय है। बहुत सारे लोग लाइव हैं। आप सभी का स्वागत है। तो चलिए थोड़ा सा स्टार्ट करेंगे। पहले तो हम न्यूज़ को समझने का प्रयास करेंगे कि आखिर यह न्यूज़ कह क्या रही है। तो देखिएइस न्यूज़ के बारे में जो भी बेसिक जानकारी है उस पर हम बात करेंगे।
तो देखिए यहां पर चर्चा में थोड़ा सा आगे बढ़ने से पहले आप सभी के लिए एक बड़ा ही महत्वपूर्ण न्यूज़ है। न्यूज़ क्या है? तो अह संस्कृति आईएस की तरफ़ से देखेंगे तो न्यू इयर्स के अह उपलक्ष में एक बड़ा ही शानदार मौका आप सभी के लिए लाया गया है और इसमें यह कहा गया कि ऑफलाइन जो क्लासरूम कोर्सेज हैं
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ATM Now Be Shut down का देखिए जो भी डाटा आ रहा है जो हमने बताया कि ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया की जो रिपोर्ट है आरबीआई की केंद्रीय बैंक है जो भी रिपोर्ट देता है इसी के आधार पर सारे जो भी पॉलिसी है उस पॉलिसी मेकिंग को व्यवहारिक स्तर पे जमीनी स्तर पे फॉलो किया जाता है तो देखिए इसलिए कुछ गंभीर बातें कही गई हैं और इसके अलावा अगर आप देखेंगे देश में अब 2.51 लाख जो एटीएम है वो मौजूद हैं
और साल भर में देखेंगे तो इसमें से लगभग 2360 जो एटीएम है वह बंद हुए हैं। खासतौर पे देखेंगे प्राइवेट बैंकों ने सबसे ज्यादा अपने एटीएम बंद किए हैं। और इसमें एक जो सबसे अहम बात खुलकर आ रही है वो किस चीज की आ रही है? वह डिजिटल पेमेंट की आ रही है। जो अब डिजिटल जो पेमेंट है वह उसकी जोरदार है,
ATM Now Be Shut down में डिजिटल पेमेंट
ATM Now Be Shut down के कारण की जो मात्रा है, उसकी जो संख्या है, वह पहले से कई गुना बढ़ गई है। डिजिटल पेमेंट की बढ़ती हुई जो भी पॉपुलरिटी है, हम सभी देखेंगे मोबाइल से तुरंत हम अपना ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। बिजली बिल भरते हैं, मोबाइल का बिल भरते हैं, इलेक्ट्रिसिटी बिल भरते हैं।

अपने होम रेंट भरते हैं या जो भी जरूरतें हैं, टिकट करते हैं। तो अब क्या हो रहा है कि धीरे-धीरे जो हमें कैश की जरूरत पड़ती थी, हम एटीएम पर जाकर पैसे निकालते थे, उसका इस्तेमाल बहुत ही कम हो गया है। और इसका सीधा जो असर है, वह देश भर में लगे जो ऑटोमेटिक जो टेलर मशीन है जिसे हम एटीएम कहते हैं, इनके ऊपर पड़ रहा है।
तो इस कारण से अगर हम देखेंगे तो यह जो स्थिति है यह देखने को मिली है। ठीक है कोई नहीं। तो देखिए डिजिटल पेमेंट की अगर हम बात करें तो यहां पर स्थिति यही देखने को मिल रही है कि जो भी एटीएम मशीन है जिसे हम ऑटोमेटेड टेलर मशीन कहते हैं इनकी संख्या पर पड़ा है और आरबीआई की यह जो रिपोर्ट आई है
ATM Now Be Shut down में यह रिपोर्ट यही कह रही है कि वित्तीय वर्ष 2025 में देश में कुल जो एटीएम है उनकी संख्या में कमी आई है और यह कमी कई सारी बातें बताती है। जैसे भारत में जो भी यूपीआई मोबाइल जो बैंकिंग है, इंटरनेट बैंकिंग है, कार्ड आधारित जो भुगतान जैसे जो डिजिटल माध्यम है, उनकी तेजी से बढ़ती हुई जो लोकप्रियता है
उसने खासतौर पे नगद जो लेनदेन था जो कैश हम एक तरह से लेनदेन करते थे उसकी आवश्यकता को लगभग कम ही नहीं लगभग खत्म कर दिया है। और इसका जो प्रत्यक्ष प्रभाव है वो देश भर में स्थापित एटीएम मशीनों की संख्या पर पड़ रहा है। कुछ डाटा है जिन पर हम बात करेंगे।
ATM Now Be Shut down के बाद देखिए देश भर में बैंक और जो भी एटीएम और जो भी शाखाएं हैं उनकी अगर संख्या की बात करेंगे तो देखिए अह वित्त वर्ष 2024 वित्त वर्ष 2025 पहले कुल एटीएम की संख्या 2530 417 थी और यह देखिए तेजी से घटी है और इसके बाद देखिए प्राइवेट बैंक के जो एटीएम है इनकी संख्या 79000 समथिंग है।
यह 77,000 पे आ गई है और इस तरह से देखेंगे कुल बैंकों की जो संख्या है वह तो अह यहां पर बढ़ती हुई दिख रही है। लेकिन जो एटीएम की संख्या है वहां पर ऋणात्मक वृद्धि देखने को मिल रही है। यानी इनकी जो संख्या है वो कम हो रही है। तो एटीएम जो नेटवर्क है उसमें अब क्या है कि एक तरह से कमी देखने को मिल रही है।
ATM Now Be Shut down में प्रायवेट बैंक
ATM Now Be Shut down में क्योंकि प्राइवेटबैंक के जो सेक्टर है या प्राइवेट सेक्टर के जो बैंक हैं वह अब धीरे-धीरे अपने एटीएम बंद कर रहे हैं। जैसे कुछ डाटा जैसे डिटेल में हमने आपको दिखाया कि फाइनेंसियल ईयर 2024 में जो नंबर ऑफ एटीएम्स थे फाइनेंसियल ईयर 2025 में जो एटीएम थे इनकी संख्या में क्या है ऋणात्मक एक तरह से वृद्धि देखी गई है यानी कमी देखी गई है
गिरावट इसमें लगभग 3000 के आसपास देखी गई है और ये सभी श्रेणियों में देखने को मिली है और कारण यही है डिजिटल बैंकिंग का मॉडल अधिक पॉपुलर हो रहा है शहरी क्षेत्रों में ऑफ साइट एटीएम की लागत अधिक होना मोबाइल और ऐप आधारित सेवाओं को लोग प्रिय िटी दे रहे हैं। तो इस कारण से इस तरह की जो समस्या है वह एटीएम के संदर्भ में देखने को मिल रही है।
ATM Now Be Shut down के बाद जो पब्लिक सेक्टर के जो बैंक हैं उनके नेटवर्क की बात करें तो यहां भी स्थिति कुछ ऐसी है जैसे प्राइवेट जो भी सेक्टर के बैंक हैं वहां पर तो बहुत तेजी से गिर रही है। पब्लिक सेक्टर के बैंक के जो भी एटीएम है उनकी संख्या में भी गिरावट देखी गई है। हालांकि यह संख्या जो पब्लिक सेक्टर के जो बैंक हैं उनके जो एटीएम है उनकी संख्या में गिरावट प्राइवेट सेक्टर वाले बैंक से कम है।
ATM Now Be Shut down लेकिन यहां भी देखेंगे तो वही कामोबेश स्थिति है और ऑफसाइट जो भी कह सकते हैं कि जो एटीएम है उनमें भी कमी आई है क्योंकि जो भी आरबीआई है उसके अनुसार देखेंगे तो पब्लिक और प्राइवेट बैंकों ने शहरों में स्थित जो शाखा है उनसे दूर लगे अपसाइड जो एटीएम है उनको बंद कर दिया है क्योंकि उससे क्या होता है कि लागत जो कॉस्ट आती है
ATM Now Be Shut down के बाद उसका जो मैनेजमेंट कॉस्ट है वह अधिक हो जाता है क्योंकि जब भी संचालन करने की जरूरत होती है तो उसकी जो फैक्टर कॉस्ट है वह बढ़ जाती नगदी जो प्रबंधन खर्च है वह बढ़ जाता है। डिजिटल जो भुगतान की बढ़ती हुई लोगों में एक स्वीकारिता है। वह भी इसके पीछे कारण है। तो इस तरह से स्थिति आपको देखने को मिल रही है।
वाइट लेवल जो एटीएम है उसमें अब एक तरह से वृद्धि देखने को मिली है। क्योंकि जहां-जहां कह सकते हैं कि स्वामित्व वाले जो एटीएम हैं वो घट रहे हैं। क्योंकि जब बैंक स्वामित्व वाले एटीएम की बात कर रहे हैं तो इनकी जो संख्या है वो संख्या लगातार घट रही है। वहीं जो स्वतंत्र रूप से संचालित वाइट लेवल जो एटीएम है, इनकी संख्या लगातार बढ़रही है।
ATM Now Be Shut down होने विभिन्न और कारण
ATM Now Be Shut down का कारण क्या है? यह भी समझने वाली बात है। अगर इनकी विशेषताओं की बात करें, तो गैर बैंक जो संस्थाएं हैं उनके द्वारा वाइट लेवल जो एटीएम है यह संचालित होते हैं। खासतौर पे आप देखेंगे यह कहां पर लगे आपको देखने को मिलेंगे। तो रूरल रीजन में ये आपको देखने को मिलते हैं और दूसरी तरफ आप देखेंगे दूरदराज दुर्गम जो क्षेत्र हैं
वहां पर इस तरह के जो एटीएम है वो आपको देखने को मिलते हैं। तो इस कारण से ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है कि यहां पर तो एक तरह से एटीएम की जो संख्या वाइट लेवल जो एटीएम है इनकी संख्या में वृद्धि हो रही है। लेकिन पब्लिक सेक्टर प्राइवेट सेक्टर के बैंक के स्वामित्व वाले जो एटीएम है उनकी संख्या लगातार घट रही है।
और देखिए एटीएम घटे हैं लेकिन अगर दूसरी तरफ आप देखेंगे तो शाखाएं बढ़ गई है। पहले भी हमने डाटा दिया कि एटीएम की संख्या कम हो रही है। लेकिन बैंक के जो ब्रांचेज हैं वो नंबर ऑफ ब्रांचेज बढ़ रहे हैं। जैसे कुल बैंक जो शाखाएं हैं 31 मार्च 2025 तक आप देख सकते हैं। लगभग 1.64 लाख हैं। वार्षिक वृद्धि इसमें आप देखिए 2.8% की दर्शाई गई है।
ATM Now Be Shut down का यह जो फिगर है, यह क्या हमें रिप्रेजेंट करता है कि बैंक फिजिकल जो अपनी अपीयरेंस है, वह पूरी तरह से समाप्त नहीं कर रहे। अलग-अलग क्षेत्रों में अपना विस्तार कर रहे हैं। जहां पहले से बैंक के ब्रांच नहीं है, वहां बैंक की जरूरत है। वहां लेनदेन आधारित एक प्रक्रिया की जरूरत है तो वहां बैंक अपना विस्तार करें।
ATM Now Be Shut down के बाद एटीएम की जगह ब्रांच केंद्रित जो सेवा मॉडल है उस पर बैंक अब ध्यान दे रहे हैं। दूसरी तरफ देखिए नई-नई जो शाखाएं हैं उनके विस्तार में पब्लिक बनाम जो प्राइवेट बैंक है यह एक इशू खुलकर आ गया क्योंकि पब्लिक सेक्टर के जो भी बैंक हैं उनमें ग्रामीण विस्तार पर दुर्गम या दूरदराज के जो क्षेत्र हैं या मुख्य जो एकदम से कहें कि अह विकास की धारा से कटे हुए जो क्षेत्र हैं
ATM Now Be Shut down में बैंक शाखाएं
वहां पर अब प्राथमिकता दी जा रही है। नई शाखाओं में हिस्सेदारी बढ़ रही है। 2/3 से अधिक जो शाखाएं हैं आप देख सकते हैं कि रूरल रीजन में या सेमी जो अर्बन रीजन है वहां पर खोली जा रही हैं। कारण यही है कि जो एक तरह से जो वित्तीय जो समावेशन है फाइनेंशियल जो इंक्लूजन है उसको प्रमोट किया जाए।
ATM Now Be Shut down के कारण में रूरल जो बैंकिंग है उसकी जो रिच है वो सब तक पहुंच हो। सरकारी जो योजनाएं हैं उनका प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इन ब्रांचों का मदद लिया जाए। प्राइवेट जो भी बैंक हैं उनकी जो झुकाव है वह शहरी झुकाव की तरफ है। क्योंकि नई शाखाओं की जो हिस्सेदारी आप देख सकते हैं
ATM Now Be Shut down के कारण से यही समझ में आ रहा है कि जो भी प्राइवेट सेक्टर वाले जो बैंक हैं वह अपना जो प्रायोरिटी रख रहे हैं वो अर्बन रीजन को रख रहे हैं ना कि रूरल रीजन को और इसी कारण से आप देखेंगे कि इनकी जो शाखाएं हैं अधिकांश जो शाखाएं हैं प्राइवेट बैंक की वो या तो अर्बन रीजन में या सेमी अर्बन में आपको देखने को मिलेगी और इनकी जो लगभग आधे से भी कम जो शाखाएं हैं
ATM Now Be Shut down के बाद वह सेमी अर्बन रीजन में आपको देखने को मिलेगी। तो इनका जो फोकस है मेट्रोपॉलिटन जो सिटीज हैं, मेट्रो सिटीज हैं, शहरी या उच्च आय वाले जो रीजन है वहां पर ये अपना क्या कर रहे हैं कि अपने एक बैंक को स्थापित करना चाह रहे हैं। अपनी जो कह सकते हैं कि प्रायोरिटी है
उसको रखना चाह रहे हैं। तो ओवरऑल इससे ये एनालिसिस हम यही कर सकते हैं कि जो भी डिजिटल भुगतान है उस डिजिटल पेमेंट ने क्या किया है कि अब धीरे-धीरे एटीएम के सामने एक गंभीर जो प्रश्न है वह खड़ा किया है। क्योंकि अब धीरे-धीरे इनकी संख्या कम हो रही है
ATM Now Be Shut down का कारण है क्योंकि इनकी उपयोगिता कम हो रही है तो जो इनके लिए मैनेजमेंट एक्सपेंडिचर है वो अधिक पड़ रहा है तो बैंक कम कर रहे हैं तो डिजिटल भुगतान ने एटीएम की जो उपयोगिता है उसको क्या कर दी है वो सीधे घटा दी है तो इसकी जो यूटिलिटी है वो क्या हो गई है वो कम हो गई है
ATM Now Be Shut down ki दूसरी तरफ देखेंगे दूसरी तरफ क्या स्थिति देखने को मिल रही है कि जो बैंक हैं बैंक एटीएम नेटवर्क को तर्कसंगत कर रहे हैं आर्गुममेंट टेटिव बना रहे हैं। शाखाओं के माध्यम से ग्राहक के साथ जो भी कंज्यूमर हैं उनके साथ जो भी उनके सर्विस रिलेशन है उसको वह खासतौर पे तवज्जो दे रहे हैं और पब्लिक सेक्टर के जो बैंक हैं
ये सामाजिक और समावेशिता की भूमिका निभा रहे हैं। एक तरह से आप देख सकते हैं सोशल और जो इंक्लूजन है उस पर खास फोकस कर रहे हैं। जबकि वाइट लेवल जो एटीएम है यह भविष्य में ग्रामीण नगदी जरूरतों के माध्यम से कहीं ना कहीं अब उपयोगी साबित हो रहे हैं। और इसी कारण से वाइट लेवल जो एटीएम है
ATM Now Be Shut down में वाईट लेवल ATM
ATM Now Be Shut down में इनकी जो संख्या है ये लगातार बढ़रही है। तो ये बेसिक इस पूरे न्यूज़ का कह सकते हैं कि कंक्लूजन था। एटीएम के बारे में आप जानते ही हैं। ऑटोमेटेड जो टेलर मशीन है इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग मशीन होती है। इसकी सहायता से क्या होता है कि बिना बैंक की शाखा में गए हुए आप नगदी इस मशीन के माध्यम से क्या कर सकते हैं? निकाल सकते हैं।
इसके लिए आपको एक एटीएम कार्ड होना चाहिए जो बैंक आपको प्रोवाइड करता है आपके नाम से, आपके आइडेंटिटी नंबर से और आपके अकाउंट खाते के हिसाब से आपको अपना खुद पिन जनरेट करना होता है और उसके माध्यम से क्या है कि 24 घंटे चलने वाले इस एटीएम से क्या कर सकते हैं? आप कैश निकाल सकते हैं।
ATM Now Be Shut down में यहां पर एक और चीज देखने को मिलती है। एटीएम का जो विकास है उस पर अगर आप देखेंगे तो यह 1967 के आसपास सबसे पहली बार लंदन में देखने को मिला। भारत का पहला जो एटीएम है यह 80 या कह सकते हैं कि 1987 में क्या है यह डेवलप हुआ था मुंबई में लगा था और 2000 के बाद देखें तो एटीएम का जो विस्तार है
ATM Now Be Shut down में वह भारत में भी काफी तेजी से हुआ है। कोर बैंकिंग सॉल्यूशन का एक महत्वपूर्ण माध्यम हुआ क्योंकि बैंकों में जो लंबी-लंबी कतारें लगती थी उन कतारों से लोगों को भी समस्या होती थी। बैंक कर्मी को भी समस्या होती थी और जो आदानप्रदान है, लेनदेन है वह सही तरीके से नहीं हो पाता था।
ATM Now Be Shut down तो उसमें इसका बड़ा रोल कहीं ना कहीं उपयोगी साबित हुआ। इंटर बैंक जो नेटवर्क है उसमें भी और आरबीआई के विनियमन में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। एटीएम से कई तरह की जो सेवाएं हैं वह ली जा सकती है। जैसे नगदी जो निकासी है, खासे की खाते की जो भी शेष राशि है वो आप सर्च कर सकते हैं।
मिनी स्टेटमेंट देख सकते हैं कि आपके आपने अपने जो भी अकाउंट है उससे कौन-कौन से लेनदेन पिछले पांच किए हैं। पिन आप एक बार जनरेट भी कर सकते हैं। पिन को चेंज कर सकते हैं और जो भी आपका मनी ट्रांसफर है वह कुछ एटीएम में यह सुविधाएं दी गई है कि वहां से क्या हो सकता है कि आप पैसे जमा भी कर सकते हैं और पैसे निकाल भी सकते हैं
और यहां तक कि पैसे किसी को भेज भी सकते हैं और इसी आधार पर आप देखेंगे कि एटीएम के कई सारे प्रकार होते हैं। जैसे स्थान के आधार पे अनसाइट एटीएम होता है। बैंक जो भी शाखा है उसकी परिसर में आप देखे होंगे कोई भी बैंक है उसका एक कैंपस है उसी में क्या है किएटीएम लगा होता है
बैंक के अंदर ही लगा होता है ऑफ साइड एटीएम होता है यानी किसी मॉल किसी रेलवे स्टेशन मेट्रो स्टेशन किसी मार्केट में ये क्या होता है शाखा से बाहर ये लगा होता है स्वामित्व के आधार पर देखेंगे तो बैंक स्वामित्व वाले एटीएम होते हैं। चाहे वो पब्लिक सेक्टर के बैंक के स्वामित्व वाला हो या फिर प्राइवेट सेक्टर के बैंक वाला हो।
ATM Now Be Shut down में कलर के आधार पर आप देखेंगे तो वाइट लेवल एटीएम होता है। यानी गैर बैंकिंग जो वित्तीय कंपनियां हैं उनके द्वारा इनकी स्थापना होती है और संचालन भी किया जाता है। सभी बैंकों के ग्राहकों के लिए यह उपलब्ध है। मशीन पर बैंक और संचालक कंपनी दोनों के नाम अंकित होते हैं।
ATM Now Be Shut down में ग्रीन लेवल के ATM
ग्रीन लेवल एटीएम होते हैं। कृषि संबंधी लेनदेन के लिए इनका यूज़ होता है। किसानों की आवश्यकता उनकी जरूरतों पर अह कहीं ना कहीं ध्यान रखते हुए इस ग्रीन लेवल एटीएम को विकसित किया गया है। येलो लेवल जो एटीएम है यह ई-कॉमर्स के लेनदेन हेतु खासतौर पे इसे बनाया गया है।
डिज़ाइन किया गया है। अरेंज लेवल जो एटीएम है यह शेयर बाजार और स्टॉक से जुड़े हुए जो भी लेनदेन है उनके लिए डेवलप किया गया है। और पिंक लेवल जो एटीएम है वह महिलाओं के लिए विशेष तौर पे लगाया जाता है। जहां भीड़ और प्रतीक्षा समय कम करने में सहायक हो।
ATM Now Be Shut down होने की खबर में महिलाओं को लेनदेन में दिक्कत ना हो या फिर उनके साथ कोई भी इस तरह की जो भी दिक्कतें हैं उनका सामना उन्हें ना करना पड़े। लेनदेन की अगर प्रकृति की बात करेंगे तो उसके आधार पर ऑन अस एटीएम होते हैं। अपने बैंक का एटीएम होता है। ऑफ अस एटीएम होता है। दूसरे बैंक का ही क्या होता है? यह एटीएम होता है।
ATM Now Be Shut down में निःशुल्क ATM लेनदेन का कारण
ATM Now Be Shut down के बाद एटीएम और जो भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया है इसके संदर्भ में देखेंगे तो आरबीआई की इसमें जो भूमिका है कि एटीएम की स्थापना की परमिशन यहां पर इंटरचेंज जो शुल्क निर्धारण है वो डिपेंड करता है। सुरक्षा मानक ये देखता है ग्राहक संरक्षण के लिए जो भी दिशा निर्देश है वह तय करता है और प्रमुख जो नियम है कि प्रतिमाह निशुल्क एटीएम लेनदेन की सीमा तय की जाती है।
ATM Now Be Shut down के बाद अतिरिक्त लेनदेन पर आपको कुछ शुल्क भी देना पड़ सकता है। जब भी आपका लेनदेन फेल हो जाता है तो अह T + 5 दिनों में राशि की वापसी होती है और सीसीटीवी की जो सुरक्षा प्रोटोकॉल है वह भी सुनिश्चितकिया जाता है। यहां पर एक और डिबेट है एटीएम बनाम डिजिटल भुगतान की जो भी नगदी है वो एटीएम के हिसाब से आवश्यक है।
ATM Now Be Shut down होना यहां पर आवश्यक नहीं होता है। यहां पर समय सीमित होता है। यहां और त्वरित होता है। निर्भरता की बात करेंगे तो मशीन के द्वारा कैश होता है। यहां इंटरनेट के माध्यम से मनी एक दूसरे से दूसरे जगह ट्रांसफर होती है। सुरक्षा की बात करें तो यहां फिजिकल रिस्क ज्यादा है और यहां पर साइबर रिस्क ज्यादा है। तो दोनों की अपनी-अपनी विशेषता है।
ATM Now Be Shut down के बाद अब वर्तमान में आप देखेंगे तो डिजिटल जो पेमेंट है यह ज्यादा पॉपुलर हो रहा है एटीएम के बजाय। भविष्य की अगर हम बात करेंगे तो देखिए कम लेकिन स्मार्ट एटीएम की जरूरत बनी रहेगी। कैश रिसाइक्लिंग मशीन की जरूरत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में वाइट लेवल एटीएम की उपयोगिता और बढ़ती जाएगी।
ATM Now Be Shut down में UPI का अहम् रोल
डिजिटल साक्षरता के साथ ही नगदी पहुंच भी अनिवार्य है। तो एटीएम प्लस डिजिटल जो एक समावेशिता है, एक इंटीग्रेशन है। तो हाइब्रिड जो बैंकिंग मॉडल है, उसकी अब हमारे समाज को हम सभी को जरूरत है। तो इतना मान के चलिए कि अब एटीएम कम तो हो जाएंगे लेकिन पूरी तरह से बंद नहीं होंगे।
ATM Now Be Shut down के बाद उनके एक तरह से लगने के जो क्षेत्र हैं जो अवस्थिति है उसके पैटर्न में बदलाव आएगा। उनके नेचर में बदलाव आएगा। उनके डिजाइन में बदलाव आएगा। तो इस तरह के जो परिवर्तन है वह देखने को मिलेंगे। तो यह पूरा न्यूज़ था जिस पर हमने बात की इसी पर आधारित एक प्रश्न है।
आरबीआई की ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ़ बैंकिंग इन इंडिया रिपोर्ट के अनुसार जो फाइनेंसियल ईयर 2025 है। इसमें एटीएम की संख्या में कमी का प्रमुख कारण क्या है? बैंकों का आपस में विलय, नगदी की कमी, डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता या आरबीआई के द्वारा जो भी लगाए गए प्रतिबंध है, इनमें से आपको सही उत्तर चूज़ करना है
और कमेंट के माध्यम से हम तक प्रेषित करना है। आप सभी के लिए एक और न्यूज़ है। संस्कृति आईएस की तरफ से न्यू ईयर ऑफर 2000 25 26 के लिए संचालित किया जा रहा है। जिसमें यूपीएससी जो भी कंप्लीट कोर्सेज हैं इन पर आपको अप टू 75% का डिस्काउंट दिया जा रहा है। के अलावा 10% और एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जा रहा है। यह जो ऑफर है
यह आपका वैलिड कब तक है? है तो 3 जनवरी 2026 तक वैलिड है। जो भी कोर्स किया है वह 65,000 है। जो कि एक्चुअल जो फीसहै वह 285000 जो डिस्काउंट के बाद इतनी आपको दी जा रही है। और पैकेज में बहुत सारे जो फीचर्स हैं वो शामिल है। जैसे जीएस बैच, सीट बैच, एसए बैच, प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज, कंपलसरी पेपर, हिंदी इंग्लिश के प्रीलिम्स एडवांस मेंटरशिप प्रोग्राम है।
मेंस एडवांस मेंटरशिप प्रोग्राम है। ये सारी बातें आपको इस कोर्स में समाहित है। इसके अलावा भी कोई जानकारी चाहिए तो नीचे दिए गए जो नंबर है 9555124124 पे कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या संस्कृति आईएस की जो वेबसाइट है यहां विजिट करके जो भी संबंधित जानकारी है वो भी आप प्राप्त कर सकते हैं तो हरि ओम ठीक है
हरि ओम स्वागत है सुरेश ठीक है सुरेश स्वागत है आप सभी का स्वागत है आप सभी लाइव बने रहे इसके लिए आप सभी का धन्यवाद आपने अपनी कीमती प्रतिक्रिया हम तक भेजी इसके लिए भी आप सभी का धन्यवाद तो आज के एपिसोड में इतना ही रखते हैं। कल इसी टाइम एक और महत्वपूर्ण टॉपिक पर चर्चा करने के लिए फिर आपसे रूबरू होंगे।
भाईयों यदि ये ATM Now Be Shut down वाली मेरी जानकारी अच्छी लगी हो तो अपनी राय / प्रतिक्रिया अवश्य दीजिये।







